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पाकिस्तान में 125 साल पुराना मंदिर गिराया जाना दुर्भाग्यपूर्ण, वीएचपी ने जताई चिंता

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नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने पाकिस्तान में 125 साल पुराने मंदिर को गिराए जाने की घटना को लेकर चिंता जताई। उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से मामले का संज्ञान लेने की अपील की। इसके अलावा, बंसल ने मौलाना मदनी के बयान, कर्नाटक के मंत्री द्वारा इस्लाम को श्रेष्ठ धर्म बताए जाने और केरल के ग्रैंड मुफ्ती के महिलाओं संबंधी कथित बयान को लेकर भी कांग्रेस और मुस्लिम धर्मगुरुओं पर निशाना साधा।

मौलाना मदनी के बयान पर विनोद बंसल ने कहा कि उन्हें बोलने से पहले यह सोचना चाहिए कि उनके शब्द मुस्लिम समाज और देश को किस दिशा में ले जाएंगे। मुस्लिम समाज को किसी एक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। बंसल ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या मुसलमानों की पहचान केवल उन लोगों से की जा सकती है जो आतंकवाद, हिंसा, भारत विरोधी गतिविधियों या अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं? मुस्लिम समाज में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है जो देश के साथ खड़े हैं और सामान्य जीवन जीते हैं।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को ऐसे विचारों से दूरी बनानी चाहिए जो पूरे समुदाय को एक ही कटघरे में खड़ा करते हैं। बंसल ने ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ जैसे नारों के विरोध को लेकर भी अपनी आपत्ति जताई और इसे राष्ट्रीय एकता के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया।

कर्नाटक के मंत्री द्वारा इस्लाम को सबसे अच्छा धर्म बताए जाने और हज यात्रा की इच्छा जताने पर भी वीएचपी प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे कांग्रेस की कथित तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म और आस्था के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता है, लेकिन संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री से सभी धर्मों के प्रति समान दृष्टिकोण की अपेक्षा की जाती है। किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत रूप से कुरान पढ़ना या हज जाने की इच्छा रखना उसका अधिकार है, लेकिन मंत्री पद पर रहते हुए किसी एक धर्म को अन्य धर्मों से श्रेष्ठ बताना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से ऐसे बयान देने वाले मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।

पाकिस्तान में 125 साल पुराने मंदिर को गिराए जाने की घटना को बंसल ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों को लंबे समय से कट्टरपंथी तत्वों के निशाने पर होने के आरोप लगते रहे हैं। यदि किसी संगठन या कट्टरपंथी समूह द्वारा मंदिर को निशाना बनाया गया है और उसके बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तो इससे पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। पाकिस्तान में हिंदू आबादी में गिरावट और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने की खबरें चिंता का विषय हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार संस्थाओं से मामले का संज्ञान लेने और अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर कथित हमलों और उनके लापता होने की खबरों पर भी बंसल ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करना वहां की सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टरपंथ और धार्मिक असहिष्णुता बढ़ने पर अल्पसंख्यक समुदायों पर इसका असर पड़ता है। बंसल ने बांग्लादेश सरकार से हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाओं की जांच करने और लापता लोगों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाने की मांग की।

केरल के ग्रैंड मुफ्ती द्वारा महिलाओं को आभूषण की तरह बताने और उन्हें घर की चारदीवारी में रखने संबंधी कथित बयान पर भी वीएचपी प्रवक्ता ने सवाल उठाए। बंसल ने कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने की सोच आधुनिक लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सवाल किया कि जिस तरह वे कई मामलों में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी करते हैं, उसी तरह इस कथित बयान पर भी उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

बंसल ने कहा कि आज भारतीय महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, सेना, विज्ञान, खेल और अंतरिक्ष समेत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे समय में महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने वाली सोच पर राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर ‘सिलेक्टिव सेक्युलरिज्म’ का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि किसी धर्म से जुड़े व्यक्ति के बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया दी जाती है, तो समान मानदंड सभी के लिए होने चाहिए।