जयपुर, 1 सितंबर (आईएएनएस)। पूर्व कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा ने मंगलवार को मथानिया नगर पालिका के 2026 चुनावों में निष्पक्ष, पारदर्शी और पक्षपात रहित चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित किए जाने के जोधपुर जिला प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद मथानिया स्थित रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय के बाहर चल रहा अपना रात्रि धरना समाप्त कर दिया।
मदेरणा ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पक्षपात का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया था, “मैं इस भेदभाव के विरोध में मथानिया स्थित रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय के बाहर बैठी हूं और प्रशासन से जवाब मांग रही हूं। अगर चुनावी प्रक्रिया में ही पक्षपात को हावी होने दिया जाए तो स्वतंत्र, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक चुनावों में जनता का विश्वास कैसे कायम रह सकता है?
उन्होंने कहा कि यह केवल कांग्रेस उम्मीदवार के साथ भेदभाव का मामला नहीं है। यह संविधान की भावना और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव पर प्रहार है। रिटर्निंग ऑफिसर को जवाब देना होगा, आखिर किसके दबाव में और किस कारण से यह भेदभावपूर्ण कार्रवाई की गई?”
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक और भाजपा उम्मीदवार सहित भाजपा नेताओं को दोपहर 3 बजे नामांकन की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी आरओ के कार्यालय में प्रवेश करने की अनुमति दी गई थी।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि स्थानीय स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) ने भाजपा नेताओं को अंदर ले गए, जबकि कार्यालय में पहले से मौजूद कांग्रेस उम्मीदवार के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें बाहर निकाल दिया गया।
सोमवार देर रात और फिर मंगलवार सुबह वरिष्ठ पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मदेरणा के साथ बातचीत की। बातचीत के बाद प्रशासन ने संबंधित एसएचओ और आरओ के आचरण की जांच करने पर सहमति जताई और आश्वासन दिया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए घोषित उपायों के तहत मथानिया और तिनवारी नगर निगम क्षेत्रों में दो-दो अतिरिक्त पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) की देखरेख में संपन्न की जाएगी।
मदेरणा ने कहा कि प्रशासन से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। उनका उद्देश्य सत्ताधारी और विपक्षी दल के लिए समान व्यवहार सुनिश्चित करना और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा करना है। प्रशासन द्वारा अतिरिक्त पर्यवेक्षकों की तैनाती और चुनाव प्रक्रिया को वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में रखने के निर्णय से मथानिया और आसपास के क्षेत्रों में नगर निगम चुनावों की गहन जांच होने की उम्मीद है।
