सहारनपुर, 5 सितंबर (आईएएनएस)। सहारनपुर में जिला प्रशासन कार्यालय परिसर में बनी अवैध मस्जिद को गिराए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कार्रवाई को लेकर सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद को गिराने की कार्रवाई सिर्फ धार्मिक स्थल से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि इसमें देश के कानून और संविधान का भी उल्लंघन हुआ है।
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि प्रशासन जिस जमीन को सरकारी कलेक्ट्रेट की जमीन बता रहा है, वह राजस्व रिकॉर्ड में आज भी वहीद खान और याकूब खान के नाम दर्ज है। उनके मुताबिक, इन्हीं की जमींदारी के दौरान मस्जिद का निर्माण हुआ था। मसूद ने कहा कि मस्जिद वक्फ बोर्ड में पंजीकृत थी, लेकिन कार्रवाई से जुड़े मामले में वक्फ बोर्ड को पक्षकार नहीं बनाया गया।
कांग्रेस सांसद ने ‘वक्फ बाय यूजर’ के प्रावधान का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से किसी जमीन या इमारत का मस्जिद के तौर पर इस्तेमाल होता रहा हो तो उससे जुड़े दस्तावेज और लगातार नमाज जैसी गतिविधियां उसके धार्मिक स्वरूप को साबित करने में महत्वपूर्ण हैं। मसूद ने दावा किया कि मस्जिद करीब 70 साल से मौजूद थी और वहां लगातार नमाज अदा की जाती रही।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी थी, तो उसे उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर यह साबित करना चाहिए। मसूद ने कहा कि रिकॉर्ड सरकार के पास हैं और उसे अपने दावे को प्रमाणित करना चाहिए।
मसूद ने कार्रवाई के तरीके पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में मस्जिद को बंद कराया गया, वहां रखा सामान हटाया गया और इसके बाद रातभर में ढांचा गिरा दिया गया। उन्होंने कहा कि इलाके को घेर लिया गया था और लोगों को अपने घरों से निकलने की अनुमति नहीं थी। प्रशासन ने मलबा भी तुरंत हटा दिया।
कांग्रेस सांसद ने इस कार्रवाई को ‘असंवैधानिक’ बताते हुए कहा, “वे मस्जिद नहीं गिरा रहे हैं, वे देश के संविधान को गिरा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि मामले में हाईकोर्ट के समक्ष वक्फ बोर्ड को उचित रूप से पक्षकार नहीं बनाया गया और कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया।
मसूद ने यह भी कहा कि वह संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्य रहे हैं और ‘वक्फ बाय यूजर’ के मुद्दे से परिचित हैं। उनका कहना है कि इस प्रावधान में किए गए बदलाव को पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में कानूनी दायरे में रहकर लड़ाई लड़ेगी। इमरान मसूद ने सहारनपुर के लोगों से कार्रवाई के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराने की अपील की और इसे जिले के लिए काला दिन”बताया।
