मुंबई, 5 सितंबर (आईएएनएस)। निर्देशक प्रियदर्शन क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘हैवान’ लेकर आ रहे हैं। निर्देशक ने बताया कि युवा दौर में वे फिल्मों के इतने बड़े शौकीन होते थे कि सुपरस्टार की झलक बड़े पर्दे पर देखने के लिए किसी भी हद तक चले जाते थे।
प्रियदर्शन ने आईएएनएस के साथ बातचीत में स्टारडम के बदलते दौर और मेगास्टार अमिताभ बच्चन जैसे कलाकारों से जुड़े समय को भी याद किया। उन्होंने फिल्म ‘कसौटी’ के पहले दिन का शो देखने के लिए टिकट पाने की अपनी कोशिश को याद किया और कहा कि वो याद आज भी उनके दिमाग में ताजा है।
उन्होंने कहा, “फिल्म ‘कसौटी’ के पहले दिन का टिकट लेने की कोशिश का एक बड़ा निशान अब भी मेरे पास है। अमिताभ बच्चन मेरे लिए भगवान हुआ करते थे। उनके लिए मेरे मन में इज्जत आज भी बिल्कुल वैसी ही है, लेकिन अपने सुपरस्टार को लेकर लोगों में उस तरह की दिवानगी होना बहुत मुश्किल है।”
निर्देशक का कहना है कि आज के समय में हर स्टार कोने में हैं। आप उन्हें आज के दौर में आराम से घूमते हुए देख सकते हैं, लेकिन उन एक्टर्स का वो दौर ही अलग था, जिन्हें आप उस समय देखना चाहते थे।
उन्होंने आगे कहा, “उस समय जब आप कोई मूवी देखते थे, तो आप सिर्फ फिल्म नहीं देखते थे बल्कि, उस समय के एक्टर्स को देखते थे। क्योंकि आप उस एक्टर या एक्ट्रेस के आसपास की बातें जानकर हैरान होते थे।”
निर्देशक प्रियदर्शन ने बताया कि जिंदगी की बदलती रफ्तार ने ये स्टारडम भी बदलकर रख दिया है। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे समय बीत रहा है, जिंदगी की रफ्तार बहुत तेजी से बढ़ रही है। इसलिए लोगों में उन दिनों जैसा सब्र नहीं है। लोगों का मानना है कि अब एक फिल्म दो घंटे की बननी चाहिए।”
निर्देशक प्रियदर्शन ने धुरंधर और उसके ब्लॉकबस्टर परफॉर्मेंस की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि ऐसे उदाहरण इस थ्योरी को चुनौती देते हैं कि ऑडियंस ने लंबी फिल्में देखने का सब्र पूरी तरह खो दिया है। उन्होंने कहा, “जब आप धुरंधर जैसी फिल्म को ब्लॉकबस्टर बनते देखते हैं तो ये थ्योरी काम नहीं करतीं।”
