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केंद्रीय फंड का हवाला देने पर भाजपा ने सीएम शिवकुमार पर उठाए सवाल, कहा- कर्ज माफी को केंद्र के फंड से जोड़ना भ्रामक

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बेंगलुरु, 5 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में किसान कर्ज माफी को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोका ने शनिवार को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की आलोचना की।

आर. अशोका ने आरोप लगाया कि सीएम शिवकुमार किसानों के कर्ज माफी की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डाल रहे हैं। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार खुद पहल कर किसानों का कर्ज माफ करे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए आर. अशोका ने सवाल उठाया कि जब किसान कर्ज माफी मांग रहे हैं तो केंद्र की तरफ उंगली उठाना कैसा शासन है।

उन्होंने कहा, “पहले राज्य सरकारों ने, जिनमें कर्नाटक में आपकी अपनी पार्टी की सरकारें भी शामिल हैं, जरूरत पड़ने पर किसानों का कर्ज माफ किया था और उनकी मदद की थी। लेकिन आज जिम्मेदारी से बचने के लिए केंद्र की ओर इशारा करना शर्मनाक है।”

आर. अशोका ने सरकार को उसके 2023 विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में किए गए वादों को लेकर भी घेरा। उन्होंने पूछा कि वादे के अनुसार 1.50 लाख करोड़ रुपए के ‘कृषि सर्वोदय निधि’ और 5,000 करोड़ रुपए के स्थायी प्राकृतिक आपदा कोष का क्या हुआ।

उन्होंने कांग्रेस के उस वादे पर भी सवाल उठाया जिसमें 3 लाख से 10 लाख रुपए तक के ब्याज मुक्त कृषि ऋण देने की बात कही गई थी।

आर. अशोका ने आरोप लगाया, “चुनाव से पहले आपने अपने वादों से किसानों को हवा में महल दिखाए। सत्ता में आने के बाद आपने राज्य का खजाना खाली कर दिया और अब कह रहे हैं कि केंद्र को करना चाहिए। यह गैर-जिम्मेदारी की पराकाष्ठा है।”

उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि पहले अपने स्तर पर किसान कर्ज माफी की घोषणा करे और कांग्रेस के घोषणापत्र में वादा किए गए 5,000 करोड़ रुपए के प्राकृतिक आपदा कोष के तहत मुआवजा जारी करे। उन्होंने कहा, “पहले राज्य की जिम्मेदारियों को पूरा करो और फिर केंद्र में प्रतिनिधिमंडल ले जाने की बात करो।”

आर. अशोका ने मुख्यमंत्री शिवकुमार के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के हवाई सर्वेक्षण पर भी निशाना साधा और सवाल किया कि क्या किसानों की परेशानी को हेलीकॉप्टर से समझा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान हवाई सर्वे उचित है, लेकिन सूखे और दरार पड़े खेतों का हवाई सर्वे करने की क्या जरूरत है। उन्होंने पूछा कि सीएम शिवकुमार किसानों के खेतों में जाकर उनसे सीधे बातचीत करने से क्यों कतरा रहे हैं।

आर. अशोका ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री किसानों के सवालों से बच रहे हैं और उन्हें डर है कि अगर वे जमीन पर आए तो सरकार की नाकामियां उजागर हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि बल्लारी, विजयनगर और बागलकोट के किसानों को तुरंत राहत की जरूरत है, न कि ‘पब्लिसिटी फोटो शूट’ की।

उन्होंने यह भी दावा किया कि हेलीकॉप्टर के किराए और ईंधन पर खर्च किया गया पैसा प्रभावित किसान परिवारों को राहत देने में इस्तेमाल किया जा सकता था। उन्होंने सीएम शिवकुमार से खेतों का दौरा कर किसानों को व्यक्तिगत रूप से भरोसा दिलाने का आग्रह किया।