SGSU Advertisement

    टाटा समूह की कंपनी जेएलआर की ब्रिटेन में 4,000 तक नौकरियां खत्म करने की योजना, बढ़ती लागत बनी चुनौती: रिपोर्ट

    0
    3

    नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली लग्जरी वाहन निर्माता कंपनी जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) बढ़ती लागत, कमजोर मांग और अमेरिका द्वारा लगाए गए आयात शुल्क जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। अब कंपनी अगले दो वर्षों में ब्रिटेन में करीब 4,000 नौकरियों में कटौती की तैयारी कर रही है। यह जानकारी एक रिपोर्ट में दी गई।

    ‘द टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, जेएलआर सोमवार को औपचारिक रूप से छंटनी कार्यक्रम की घोषणा कर सकती है। इससे पहले कंपनी ने शुक्रवार को कर्मचारियों को बताया था कि यह कदम जल्द उठाया जाने वाला है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, वाहन निर्माता कंपनी ब्रिटेन में वेस्ट मिडलैंड्स और मर्सीसाइड के हेलवुड स्थित अपने प्लांट्स में करीब 34,000 लोगों को रोजगार देती है। इसके अलावा, कंपनी की घरेलू सप्लाई चेन के जरिए अनुमानित 1.20 लाख नौकरियों को भी समर्थन मिलता है।

    कर्मचारियों की संख्या में यह प्रस्तावित कटौती ऐसे समय में की जा रही है, जब पिछले साल टाटा मोटर्स के वित्त प्रमुख के रूप में काम कर चुके पीबी बालाजी ने जेएलआर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद संभाला था। उनका लक्ष्य कंपनी का मुनाफा बढ़ाना और लागत कम करना है।

    रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में गिरावट के बाद टाटा मोटर्स ने जेएलआर के प्रबंधन पर दबाव बढ़ा दिया है।

    जून 2026 में समाप्त तिमाही में जेएलआर का राजस्व करीब 10 प्रतिशत घट गया, जबकि कर-पूर्व लाभ दो-तिहाई से अधिक गिरकर 10.9 करोड़ पाउंड रह गया।

    इसके अलावा, कंपनी अगले दो वर्षों में करीब 1.7 अरब पाउंड की बचत हासिल करने और सालाना 3 लाख वाहनों के स्तर पर ब्रेक-ईवन हासिल करने का लक्ष्य रख रही है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, जेएलआर ने कहा कि उसे बदलती वैश्विक बाजार परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की जरूरत है। इसके लिए कंपनी अपने संगठन को सरल बनाएगी, दक्षता में सुधार करेगी और मजबूती बढ़ाएगी।

    कंपनी ने कहा कि उसने वेतनभोगी और प्रबंधन स्तर के कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक छंटनी कार्यक्रम शुरू किया है और कर्मचारियों को आगे की जानकारी दी जाएगी।

    इसके अलावा, ब्रिटेन से अमेरिका को कारों के आयात पर लगाए गए 10 प्रतिशत शुल्क का भी जेएलआर पर असर पड़ा है। उत्तरी अमेरिका कंपनी की वैश्विक बिक्री में 29 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है और यह जेएलआर का सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है।

    हालांकि, पिछले साल हुए एक साइबर हमले से भी वाहन निर्माता कंपनी प्रभावित हुई थी। इस हमले के कारण कंपनी का परिचालन कई महीनों तक बाधित रहा था।