गुवाहाटी, 5 सितंबर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन रविवार को दो दिवसीय असम दौरे पर जाएंगे, जहां वह एक शैक्षणिक संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह, एक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह और एक नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन रविवार सुबह करीब 10 बजे गुवाहाटी हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। उनके दौरे में शिक्षा, संस्कृति और विकास से जुड़े कई कार्यक्रम शामिल हैं।
उपराष्ट्रपति बाद में गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में गीतानगर कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे।
कॉलेज अपनी शैक्षणिक यात्रा के 50 वर्ष पूरे कर रहा है और इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति के सभा को संबोधित करने की उम्मीद है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ज्योति-बिष्णु अंतरजालिक कला मंदिर में श्रीमंत शंकरदेव स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भी शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय के इस दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्र, शिक्षण संकाय के सदस्य और अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे।
सोमवार सुबह उपराष्ट्रपति गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर जाएंगे, जो प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है और असम का महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है।
वह मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अपने अन्य कार्यक्रमों के लिए रवाना होंगे।
इसके बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में हिस्सा लेंगे।
इस कार्यक्रम के दौरान वे कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।
हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक उन परियोजनाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, जिनकी आधारशिला रखी जाएगी।
उपराष्ट्रपति का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब असम में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं और राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास प्रमुख विषय बनकर उभरे हैं।
यह दौरा छात्रों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ संवाद का भी अवसर प्रदान करेगा।
असम में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन सोमवार को पड़ोसी राज्य मेघालय के लिए रवाना होंगे।
अधिकारियों के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत का उनका दौरा मेघालय में भी जारी रहेगा।
दो दिवसीय असम दौरे के दौरान गुवाहाटी में, विशेष रूप से उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थलों और कामाख्या मंदिर के आसपास, कड़े सुरक्षा इंतजाम किए जाने की संभावना है।
