कोलकाता, 5 सितंबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट (पीए) सुमित रॉय को 27 अगस्त को कैमैक स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय से कथित अवैध होर्डिंग हटाने को लेकर हुए विवाद और झड़प के मामले में कोलकाता पुलिस ने फिर से पूछताछ के लिए बुलाया है।
शनिवार दोपहर शेक्सपियर सरणी थाने की पुलिस टीम सुमित रॉय के घर पहुंची और उन्हें नया नोटिस दिया। नोटिस में उन्हें 7 सितंबर को दोपहर 12 बजे शेक्सपियर सरणी थाने में उपस्थित होने को कहा गया है।
इस मामले में सुमित रॉय से दूसरी बार पूछताछ होगी। इससे पहले 2 सितंबर को वे उसी थाने पहुंचे थे, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई थी।
इस सप्ताह की शुरुआत में अभिषेक बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन से भी इसी होर्डिंग विवाद को लेकर शेक्सपियर सरणी थाने में पूछताछ की गई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस घटना को लेकर तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें एक शिकायत शेक्सपियर सरणी थाने के एक अधिकारी ने, दूसरी पड़ोसी पार्क स्ट्रीट थाने के एक अधिकारी ने और तीसरी कोलकाता नगर निगम के एक अधिकारी ने दर्ज कराई है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “इस सप्ताह की शुरुआत में सुमित रॉय से शेक्सपियर सरणी थाने के अधिकारी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के संबंध में पूछताछ की गई थी। 7 सितंबर को उनसे नगर निगम अधिकारी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के मामले में पूछताछ की जाएगी।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक दिन पहले पश्चिम बंगाल अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के गुट को कैमैक स्ट्रीट स्थित अपने कार्यालय को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया था। विभाग ने भवन में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने की बात कही और इमारत की सातवीं और आठवीं मंजिल खाली कराने का आदेश देते हुए इसकी सूचना भवन मालिक को भी दे दी।
27 अगस्त को उस समय तनाव पैदा हो गया था जब नगर निगम के कर्मचारी पुलिस के साथ कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय पर लगे होर्डिंग को हटाने पहुंचे थे। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन और अन्य पार्टी नेताओं के नेतृत्व में मौजूद तृणमूल कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई।
शेक्सपियर सरणी थाने में दर्ज एफआईआर में पुलिस ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की और एक महिला पुलिस अधिकारी की मर्यादा भंग करने की कोशिश की।
तीन में से दो एफआईआर में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ’ब्रायन, हुमायूं कबीर और वैश्वानर चटर्जी को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
