भोपाल, 6 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सागर जिले की बांदा तहसील के तीन गांवों में जहरीली शराब पीने से ‘कई लोगों’ की मौत के बाद कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है।
यह दुखद घटना शनिवार देर रात से रविवार सुबह के बीच हुई, जिसमें गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में कई लोगों की जान चली गई।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर, आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने तीन अधिकारियों, सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बांदा सर्कल की आबकारी सब-इंस्पेक्टर रोशनी उरेती को सस्पेंड कर दिया। डिप्टी कमिश्नर और डिविजनल फ्लाइंग स्क्वाड की इंचार्ज नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है।
साथ ही, पुलिस विभाग ने बांदा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज राजेंद्र सिंह कुशवाहा और गुगरा चौकी के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर पूरन लाल लाडिया को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया।
रविवार को मुख्यमंत्री यादव ने साफ कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है। नई दिल्ली में रहने के दौरान जैसे ही मुझे इसके बारे में पता चला, मैंने सागर जिले के प्रभारी मंत्री और संबंधित अधिकारियों को तुरंत जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को यह भी आदेश दिया कि वे प्रभावित लोगों के लिए त्वरित जांच, राहत और उचित चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करें।
सागर डिवीजन के कमिश्नर, इंस्पेक्टर जनरल, कलेक्टर और पुलिस सुपरिटेंडेंट समेत कई सीनियर अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, अस्पताल में भर्ती मरीजों की हालत का जायजा लिया और मेडिकल टीमों को बिना देरी किए हर जरूरी इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए।
प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग शुरू की गई और फोरेंसिक जांच के लिए शराब के सैंपल जब्त किए गए।
शुरुआती जांच में मिथाइल अल्कोहल होने की आशंका जताई गई है। जांचकर्ता उत्तर प्रदेश बॉर्डर के पार से शराब की संदिग्ध सप्लाई के लिंक की भी जांच कर रहे हैं।
इन मौतों से कई परिवार बर्बाद हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार रात शराब पीने के बाद लोग बीमार पड़ गए। उन्हें उल्टी और सिरदर्द जैसे लक्षण हुए और अचानक हालत बिगड़ने से मौतें हो गईं।
जांच जारी रहने के दौरान एहतियात के तौर पर प्रशासन ने स्थानीय शराब की दुकानों को सील कर दिया है।
मुख्यमंत्री यादव ने फिर कहा कि सरकार ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आएगी, आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।
