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‘वंदे मातरम’ विवाद पर गुजरात कांग्रेस नेता तुषार चौधरी ने कहा, ‘खेड़ावाला का व्यवहार निजी था’

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गांधीनगर, 10 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात कांग्रेस विधायक दल के नेता तुषार चौधरी ने गुरुवार को कहा कि पार्टी ने विधायक इमरान खेड़ावाला को राज्य विधानसभा में ‘वंदे मातरम’ गाए जाने के दौरान बैठने के लिए कोई निर्देश या आधिकारिक रुख नहीं अपनाया था।

उन्होंने इस घटना को विधायक की ‘किसी गलतफहमी’ का नतीजा बताया।

चौधरी ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए कहा कि इस बात से यह साफ हो जाता है कि खेड़ावाला का कदम पार्टी का रुख नहीं था, क्योंकि उस दौरान कांग्रेस का कोई अन्य विधायक नहीं बैठा था।

उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी का ऐसा कोई रुख नहीं था। अगर यह पार्टी का रुख होता, तो हम सभी कांग्रेस विधायक बैठ जाते। लेकिन इमरान के अलावा कोई और नहीं बैठा। हमने वंदे मातरम गाए जाने का पूरा सम्मान किया।”

उन्होंने कहा कि खेड़ावाला ने खुद इस घटना पर खेद जताया है और माना है कि उनसे गलती हुई थी।

चौधरी से खेड़ावाला के उस स्पष्टीकरण के बारे में भी पूछा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पारंपरिक गायन के दौरान खड़े रहे, लेकिन जब अतिरिक्त पंक्तियां गाई जा रही थीं, तब वे बैठ गए।

उन्होंने कहा कि अतिरिक्त हिस्से के दौरान ही शायद खेड़ावाला बैठे होंगे, और साथ ही कहा कि पारंपरिक रूप से 1937 से केवल दो ही पद गाए जाते रहे हैं।

चौधरी ने आगे कहा, “1937 से यही दो पद गाए जा रहे हैं। सरकार ने अब संसद में कानून पास किया है जिसमें पूरा गीत गाने का प्रावधान है। आज गुजरात विधानसभा में 182 विधायक हैं। मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि उनमें से आधे से ज्‍यादा को पूरा वंदे मातरम नहीं आता है। मुझे खुद पूरा गीत नहीं आता और मैं यह बात मानता हूं।”

उन्होंने कहा कि विधायकों की कई पीढ़ियां इन्हीं दो पदों को सुनते और गाते हुए बड़ी हुई हैं, इसलिए हो सकता है कि कुछ सदस्य अतिरिक्त हिस्से से तुरंत परिचित न हों। हो सकता है कि उनको लगा हो कि यह खत्म हो गया है और इसलिए वे बैठ गए हों, या कोई और बात हो सकती है। जो कुछ भी हुआ, उसके बारे में केवल इमरान ही बता सकते हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि उनके मन में क्या था।

चौधरी ने फिर कहा कि कांग्रेस ने खेड़ावाला को ऐसा रुख अपनाने का कोई निर्देश नहीं दिया था। उन्होंने कहा, “पार्टी (कांग्रेस) ने कोई आदेश नहीं दिया था। कांग्रेस पार्टी का ऐसा कोई रुख नहीं था कि इमरान भाई को ऐसा करना चाहिए।”

सरकार के प्रवक्ता जीतू वाघाणी के इस आरोप पर कि खेड़ावाला का रुख पूरी कांग्रेस का रुख है, चौधरी ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि पार्टी के अपने कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ गाने को लेकर रुख बिल्कुल साफ है।

कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा, “हमारा साफ रुख है कि पार्टी के सम्मेलनों और कार्यक्रमों में हम वही पद गाएंगे जो 1937 से गाए जाते रहे हैं। यही हमारा साफ रुख है। यह रुख खास तौर पर कांग्रेस के कार्यक्रमों के लिए है, न कि विधायी निकायों या सरकारी कार्यक्रमों के कामकाज के लिए।”

उन्होंने कहा, “हम राज्य विधानसभा, लोकसभा या राज्यसभा में, या किसी सरकारी कार्यक्रम में ऐसा नहीं करेंगे। लेकिन पार्टी के कार्यक्रमों में हमारा यही रुख है।”