अमरावती, 11 सितंबर (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के महासचिव और विधान परिषद सदस्य लेल्ला अप्पी रेड्डी ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाता सूची में किए गए सभी बदलावों को बूथ स्तर पर सत्यापित करने योग्य बनाने की मांग की।
उन्होंने केवल डाउनलोड लिंक उपलब्ध कराने के बजाय एसआईआर के दौरान जोड़े गए, हटाए गए, स्थानांतरित किए गए, मृत घोषित किए गए और अन्य प्रकार से संशोधित मतदाताओं का विधानसभा क्षेत्रवार और बूथवार आधिकारिक आंकड़ा जारी करने की मांग की।
अप्पी रेड्डी ने अनमैप्ड और विसंगति संबंधी नोटिसों का पूरा विवरण भी मांगा। उन्होंने कहा कि जारी किए गए नोटिसों, निपटाए गए मामलों, हटाए गए मतदाताओं और लंबित मामलों की संख्या सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) प्रत्येक प्रभावित मतदाता का सत्यापन कर सकें।
उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी पहले ही आंध्र प्रदेश के भीतर संदिग्ध डुप्लीकेट मतदाता पंजीकरण और अन्य राज्यों में दर्ज दोहरी प्रविष्टियों की जानकारी चुनाव अधिकारियों को दे चुकी है, लेकिन ऐसी कई प्रविष्टियां अब भी मतदाता सूची में मौजूद हैं।
उन्होंने सत्यापित डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने की मांग करते हुए कहा कि एक व्यक्ति के पास केवल एक वैध वोट होना चाहिए।
अप्पी रेड्डी ने मतदान केंद्रों के पुनर्गठन (पोलिंग स्टेशन रेशनलाइजेशन) को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही परिवार के सदस्यों, यहां तक कि नए पंजीकृत मतदाताओं को भी अलग-अलग बूथों और कई मामलों में अलग-अलग वार्डों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
उन्होंने मांग की कि जहां तक संभव हो, एक ही परिवार के मतदाताओं को एक साथ रखा जाए और पुनर्गठन प्रक्रिया की समीक्षा एसआईआर के बाद उपलब्ध नवीनतम मतदाता आंकड़ों के आधार पर की जाए।
वाईएसआरसीपी ने यह भी स्पष्ट करने को कहा कि मतदाताओं को एक बूथ से दूसरे बूथ में स्थानांतरित करने के लिए कौन से मानदंड अपनाए गए हैं। पार्टी ने पूछा कि यह प्रक्रिया भौगोलिक स्थिति, मकान नंबर या क्रम संख्या के आधार पर की गई है या नहीं।
पार्टी ने मांग की कि मतदाता सूचियों को मकान संख्या और स्थानीयता के आधार पर व्यवस्थित तरीके से तैयार किया जाए।
इसके अलावा वाईएसआरसीपी ने नए बनाए गए और पुनर्गठित मतदान केंद्रों, संशोधित बूथ मैपिंग, मतदाता स्थानांतरण तथा बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के नाम और संपर्क विवरण सार्वजनिक करने और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को आधिकारिक रूप से उपलब्ध कराने की मांग की।
अप्पी रेड्डी ने जोर देकर कहा कि एक भी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटाया जाना चाहिए, जबकि सत्यापित डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं की प्रविष्टियां मतदाता सूची में नहीं बनी रहनी चाहिए।
