सिलवासा/दमन, 11 सितंबर (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन इन दिनों केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के दौरे पर हैं। यह उनकी उपराष्ट्रपति बनने के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश की पहली आधिकारिक यात्रा है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़ी कई परियोजनाओं का जायजा लिया और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने दौरे की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज मोती दमन के रामसेतु सीफ्रंट और देवका के नमोपथ सीफ्रंट का दौरा किया।” उन्होंने सीफ्रंट और शहरी इलाकों को स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षक स्थानों में बदलने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इससे केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं को बढ़ावा मिल रहा है। दमन के समुद्री तटों को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है।
इससे पहले उपराष्ट्रपति ने सिलवासा के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम गवर्नमेंट कॉलेज में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित किया था। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सुधारों पर खुशी जताई।
अपने दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने सिलवासा स्थित नमो मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट का भी दौरा किया। यहां उन्होंने एनाटॉमी म्यूजियम, डिसेक्शन हॉल, सेंट्रल लाइब्रेरी और लेक्चर थिएटर का निरीक्षण किया और संस्थान की सुविधाओं व शैक्षणिक बुनियादी ढांचे का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के संस्थान से स्थानीय छात्रों को मेडिकल शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
उपराष्ट्रपति ने सिलवासा के स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर में छात्रों से भी बातचीत की। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश में आधुनिक शिक्षा देने और युवाओं को सशक्त बनाने में संस्थान के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ना यह दर्शाता है कि सरकारी संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता पर लोगों का भरोसा बढ़ा है।
इसके अलावा, उन्होंने सिलवासा में हाल ही में शुरू हुए नमो अस्पताल का भी दौरा किया। उन्होंने रजिस्ट्रेशन विभाग, फार्मेसी, वार्ड, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाओं का जायजा लिया, मरीजों को फलों की टोकरियां बांटी और छात्रों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने आचार्य सुश्रुत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी। छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “अपना लक्ष्य तय करें, अपनी गति से उसकी ओर बढ़ें, कभी भी दूसरों से अपनी तुलना न करें और कभी हार न मानें।”
