SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय नमो भारत कॉरिडोर के पियर्स और पोर्टल पर दिखेंगे विज्ञापन, एनसीआरटीसी ने...

नमो भारत कॉरिडोर के पियर्स और पोर्टल पर दिखेंगे विज्ञापन, एनसीआरटीसी ने आमंत्रित की निविदाएं

0
6

गाजियाबाद, 12 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर अब यात्रियों के सफर के साथ ब्रांड्स को भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मौका मिलने जा रहा है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने साहिबाबाद से मोदीपुरम के बीच नमो भारत कॉरिडोर के पियर्स और पोर्टल स्ट्रक्चर पर विज्ञापन लगाने के लिए लाइसेंसिंग अधिकार प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए इच्छुक एजेंसियों और बोलीदाताओं से ई-टेंडर के माध्यम से निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।

एनसीआरटीसी के मुताबिक, साहिबाबाद से मोदीपुरम के बीच 50 किलोमीटर से अधिक लंबे हिस्से में विज्ञापन के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले स्थान ब्रांडिंग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह कॉरिडोर गाजियाबाद और मेरठ के घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और विभिन्न संस्थानों के बीच से होकर गुजरता है। इसके अलावा, कई स्थानों पर नमो भारत का एलिवेटेड कॉरिडोर प्रमुख हाईवे और मुख्य सड़कों के समानांतर चलता है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहती है।

दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर वर्तमान में प्रतिदिन करीब 1.1 लाख यात्री सफर कर रहे हैं। कॉरिडोर अब तक 4.5 करोड़ से अधिक कम्यूटर जर्नी का आंकड़ा पार कर चुका है। लगातार बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए एनसीआरटीसी का मानना है कि पियर्स और पोर्टल पर विज्ञापन ब्रांड्स के लिए व्यापक पहुंच वाला माध्यम साबित हो सकते हैं। कॉरिडोर के पियर्स सड़क के मीडियन में रणनीतिक स्थानों पर स्थित हैं। ऐसे में इन पर लगाए जाने वाले विज्ञापन यात्रियों के अलावा सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और अन्य लोगों को भी दिखाई देंगे। इससे विज्ञापन अभियानों को बड़े स्तर पर दृश्यता मिलने की संभावना है।

एनसीआरटीसी का उद्देश्य ऐसा आउटडोर एडवरटाइजिंग ईको-सिस्टम तैयार करना है, जिससे कॉरिडोर की दृश्य अपील बढ़ने के साथ-साथ गैर-किराया राजस्व में भी इजाफा हो। साहिबाबाद से मोदीपुरम के बीच औद्योगिक क्षेत्रों, शैक्षिक संस्थानों, रिहायशी इलाकों और व्यावसायिक गतिविधियों की बड़ी मौजूदगी है। ऐसे में पियर्स और पोर्टल पर विकसित किए जाने वाले विज्ञापन स्थान स्थानीय और राष्ट्रीय ब्रांड्स के लिए महत्वपूर्ण मार्केटिंग प्लेटफॉर्म बन सकते हैं। स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, रियल एस्टेट कंपनियां, रेस्तरां और एफ एंड बी चेन समेत विभिन्न कारोबार इन स्थानों का इस्तेमाल अपनी सेवाओं और ब्रांड की पहचान बढ़ाने के लिए कर सकेंगे।

निविदा प्रक्रिया के तहत चयनित लाइसेंसधारी को निर्धारित मानकों के अनुसार विज्ञापन संबंधी इंफ्रास्ट्रक्चर का डिजाइन, फैब्रिकेशन, इंस्टॉलेशन, संचालन और रखरखाव करना होगा। विज्ञापन ढांचे के निर्माण और संचालन में निर्धारित तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की कुल लंबाई 82 किलोमीटर है। यह दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक फैला हुआ है। इस कॉरिडोर ने दिल्ली-एनसीआर और मेरठ के बीच तेज, सुविधाजनक और आधुनिक क्षेत्रीय परिवहन को मजबूत किया है।

मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच इसी नमो भारत इंफ्रास्ट्रक्चर पर स्थानीय मेरठ मेट्रो सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। यह देश में अपनी तरह का पहला उदाहरण है, जहां एक ही इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग क्षेत्रीय और स्थानीय सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के लिए किया जा रहा है। इसके साथ ही कॉरिडोर को जहां संभव है, वहां अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के साथ भी जोड़ा गया है।

एनसीआरटीसी के अनुसार, कॉरिडोर पर बढ़ती यात्री संख्या और क्षेत्र में इसकी मजबूत होती भूमिका के कारण विज्ञापन के लिए उपलब्ध स्थानों की व्यावसायिक उपयोगिता भी बढ़ी है। इच्छुक बोलीदाता ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के जरिए निविदा में भाग ले सकते हैं।