चेन्नई, 13 सितंबर (आईएएनएस)। वामपंथी दलों ने तमिलनाडु में मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है, जबकि वे तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार को बाहर से समर्थन देना जारी रखेंगे। पार्टी सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
सीपीआई(एम) मदुरंतकम विधानसभा सीट पर अपना उम्मीदवार उतारेगी, जबकि सीपीआई धारापुरम सीट से चुनाव लड़ेगी। यह निर्णय शनिवार को दोनों दलों के राज्य नेतृत्व की अलग-अलग बैठकों के बाद लिया गया।
सीपीआई (एम) के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने तिरुचि में पत्रकारों से कहा कि पार्टी ने सीपीआई और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन से विचार-विमर्श के बाद चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वामपंथी दल तमिलनाडु में मौजूद तीनों प्रमुख राजनीतिक गठबंधनों में शामिल नहीं हैं।
शनमुगम ने कहा कि ये विधानसभा उपचुनाव न तो आम चुनाव हैं और न ही ऐसे चुनाव, जिनसे टीवीके सरकार का अस्तित्व तय होने वाला है। इसलिए सीपीआई (एम) और सीपीआई ने वाम मोर्चे के बैनर तले एक-एक सीट पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
उम्मीदवारों के नामों की घोषणा 15 सितंबर को चेन्नई में सीपीआई-एम, सीपीआई और सीपीआई-एमएल लिबरेशन के राज्य सचिवों की बैठक में की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है।
चेन्नई में सीपीआई के राज्य सचिव एम. वीर पांडियन ने कहा कि पार्टी की राज्य कार्यकारिणी ने मौजूदा सभी गठबंधनों से बाहर रहने के अपने पुराने रुख को बनाए रखने का फैसला किया है। उन्होंने पुष्टि की कि सीपीआई धारापुरम से और सीपीआई-एम मदुरंतकम से चुनाव लड़ेगी।
वीर पांडियन ने बताया कि सीपीआई ने राज्य विधानसभा चुनाव के बाद टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन दिया था ताकि लोगों के जनादेश का सम्मान किया जा सके और गवर्नर या भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रशासन पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण करने की किसी भी कोशिश को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि सीपीआई न तो सरकार में शामिल हुई और न ही टीवीके के साथ कोई गठबंधन किया। दोनों नेताओं ने साफ किया कि विधानसभा उपचुनाव लड़ने के उनके फैसले से राज्य सरकार से समर्थन वापस नहीं लिया जाएगा।
शनमुगम ने कहा कि वामपंथी पार्टियों के टीवीके सरकार के साथ कई मुद्दों पर मतभेद हैं, जिनमें बजट के कुछ हिस्से और उदारवादी व नव-उदारवादी आर्थिक नीतियों को लागू करना शामिल है। चुनाव प्रचार के दौरान ये मुद्दे उठाए जाएंगे।
उन्होंने उन दो टीवीके उम्मीदवारों की भी आलोचना की, जिन्होंने एआईएडीएमके के टिकट पर चुनाव जीता था और फिर इस्तीफा देकर 20 दिनों के भीतर टीवीके में शामिल हो गए थे।
सीपीआई-एम समर्थन के लिए तीन प्रमुख गठबंधनों से बाहर की पार्टियों से संपर्क करेगी।
शनमुगम ने राज्य सरकार से विदेशी निवेश का विवरण सार्वजनिक करने और घरेलू व लघु उद्योगों को अधिक वित्तीय, कर और ऋण सहायता प्रदान करने की भी मांग की।
