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मणिपुर: हमलों में चार लोगों की मौत के बाद राज्य के गृह मंत्री ने सख्त कार्रवाई का किया वादा

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इंफाल, 14 सितंबर (आईएएनएस)। मणिपुर में चार लोगों की हत्या के मामले में राज्य के गृह मंत्री की ओर से सख्त कार्रवाई का वादा किया गया। गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह ने सोमवार को कहा कि तामेंगलोंग और नोनी जिलों में अलग-अलग हमलों के बाद राज्य की शांति और सामान्य स्थिति को भंग करने की इजाजत किसी भी हाल में नहीं दी जाएगी।

चार लोगों के हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कोंथौजम गोविंदस सिंह ने बेगुनाह लोगों की जान जाने पर गहरा दुख जताया और भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताया और कहा, “मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तथ्यों का पता लगाने, दोषियों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएं कि कानून बिना किसी डर या पक्षपात के अपना काम करे।”

उन्होंने कहा, “इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए; इस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। इस नाजुक मोड़ पर, हिंसा की किसी भी घटना को मणिपुर की शांति और सामान्य स्थिति की ओर बढ़ने की राह से भटकाने नहीं दिया जाएगा।” उन्होंने कहा, “हर नागरिक की सुरक्षा सबसे अहम है। कानून का राज चलेगा, न्याय होगा और शांति की रक्षा की जाएगी।”

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तामेंगलोंग जिले के कैमाई पुलिस स्टेशन के तहत टोलन कुकी गांव में हुए हमले में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई जबकि नोनी जिले के नुंग्बा पुलिस स्टेशन के तहत लोंगपी गांव में एक महिला समेत दो अन्य लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि हमलों के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने दोषियों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि मारे गए चारों लोग कुकी आदिवासी समुदाय के सदस्य थे।

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने रविवार को इन हत्याओं की निंदा की और बेगुनाह लोगों की जान जाने पर गहरा दुख जताया। मुख्यमंत्री ने अपने कार्यालय से जारी एक बयान में कहा, “बेगुनाह नागरिकों के खिलाफ हिंसा की ऐसी कायरतापूर्ण हरकतें बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं और हमारे समाज में इनके लिए कोई जगह नहीं है।”

कई संगठनों, कुकी और नागा समुदायों के विधायकों और नेताओं, जिनमें कैमाई विलेज अथॉरिटी भी शामिल है, ने टोलन हमले की निंदा की और इसे “समुदायों के बीच अशांति और बंटवारा पैदा करने की जानबूझकर की गई और दुर्भावनापूर्ण कोशिश” बताया।

इस बीच, खबर है कि रविवार देर शाम जिरीबाम जिले के जिरीबाम पुलिस स्टेशन के तहत खेदाघर में रोंगमेई नागा समुदाय के सदस्यों के तीन-चार घर जला दिए गए। रिपोर्टों के मुताबिक, यह घटना जिरीबाम पुलिस स्टेशन से लगभग 12 किलोमीटर दक्षिण में हुई। अभी तक किसी के घायल होने या मारे जाने की खबर नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, कुकी और नागा समुदायों के बीच तनाव बढ़ने के बाद बदले की कार्रवाई के डर से रोंगमेई नागा परिवारों ने कुछ हफ्ते पहले ही अपने घर खाली कर दिए थे।

इस घटना के बाद, सुरक्षाकर्मी हालात का जायजा लेने और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के लिए प्रभावित इलाके में पहुंचे। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और तुरंत तैनाती के लिए सैनिक और क्विक एक्शन टीमें तैयार रखी गई हैं। सुरक्षाकर्मियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे इलाके के ग्रामीणों और अहम लोगों के साथ बातचीत बढ़ाएं ताकि सतर्कता बनी रहे और तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके।