मुंबई, 18 सितंबर (आईएएनएस)। एनसीपी (एसपी) के नेता और विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर बड़ी मांग की है। उन्होंने मांग की है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगे कथित आरोपों की जांच के लिए बने न्यायमूर्ति चांदीवाल आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
यह पूरा मामला साल 2021 का है। तब राज्य के गृह मंत्री रहे अनिल देशमुख पर सुनी-सुनाई जानकारी के आधार पर 100 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया गया था। आरोप की सच्चाई जानने के लिए राज्य सरकार ने 30 मार्च 2021 को ‘जांच आयोग अधिनियम, 1952’ के तहत एक न्यायिक आयोग का गठन किया था। इस आयोग की अध्यक्षता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस केयू चांदीवाल ने की थी।
आयोग ने सभी सबूतों की गहन जांच की और 13 महीने तक लंबी जांच के बाद 1,400 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट 26 अप्रैल 2022 को राज्य सरकार को सौंप दी थी।
रोहित पवार ने अपने पत्र में बताया कि इस जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए खुद अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री को 13 बार पत्र लिखा है। उन्होंने 27 फरवरी 2024, 7 जुलाई 2024, 18 जुलाई 2024, 27 सितंबर 2024, 22 दिसंबर 2024, 15 जनवरी 2025, 30 मई 2025, 28 दिसंबर 2025, 15 फरवरी 2026, 27 मार्च 2026, 16 जून 2026, 31 जुलाई 2026 और 20 अगस्त 2026 को पत्राचार किया है। इसके अलावा राज्यपाल को भी दो बार पत्र लिखकर रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करने की विनती की थी।
हालांकि बार-बार मांग करने के बावजूद और चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है और रिपोर्ट दबाकर रखी है। विधायक रोहित पवार ने मुख्यमंत्री से विनती की है कि वे उक्त रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक कर सच को सामने लाएं।
