SGSU Advertisement
Home अपराध दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एपीके फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश, अहमदाबाद से...

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एपीके फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश, अहमदाबाद से 3 गिरफ्तार

0
6

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की साउथ डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना पुलिस ने एपीके आधारित संगठित साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 11 क्रेडिट कार्ड और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, यह मामला विकास कुमार की शिकायत से शुरू हुआ था, जिन्होंने बताया कि एक फर्जी लिंक वाला एसएमएस मिलने के बाद उनके साथ 6,57,715 रुपए की धोखाधड़ी हुई। इसके बाद पीएस साइबर साउथ में ई-एफआईआर नंबर 309/2026 दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। जांच के लिए एसआई राजकुमार सिंह, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार बैरवा और हेड कांस्टेबल राजकुमार की टीम बनाई गई, जो इंस्पेक्टर हंसराज स्वामी और एसीपी बलराम सिंह बेनीवाल की देखरेख में काम कर रही थी।

जांच में पुलिस ने मनी ट्रेल और तकनीकी सबूतों का विश्लेषण किया। पता चला कि ठगी की 6.57 लाख की रकम में से 4 लाख रुपए दो ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों से जुड़े दो क्रेडिट कार्ड में ट्रांसफर हुए थे। इसके बाद पुलिस ने मोहम्मद इस्माइल अंसारी, शेख मोहम्मद नुरेन और तारिक अहमद को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने बताया कि ये आरोपी कमीशन के आधार पर धोखाधड़ी की रकम को इधर-उधर करने के लिए क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते थे। जांच में सामने आया कि इनके संबंध वाट्सअप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए अन्य हैंडलर्स से भी हैं, जिनमें यूएसए से जुड़े नंबर भी शामिल हैं। धोखाधड़ी से मिली रकम को यूएसडीटी में बदला जा रहा था।

आरोपियों की प्रोफाइल की बात करें तो पहला आरोपी मो. इस्माइल अंसारी है, जो अहमदाबाद का रहने वाला है और आईडीबीआई बैंक में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के तौर पर काम करता है। दूसरा आरोपी शेख मोहम्मद नुरेन है, जो अहमदाबाद का ही निवासी है और बैंकिंग चैनलों के जरिए ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए कमीशन पर क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराता था। वहीं, तीसरा आरोपी तारिक अहमद भी अहमदाबाद का रहने वाला है, जो धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन को अंजाम देने के लिए क्रेडिट कार्ड का इंतजाम करके उपलब्ध कराता था।

यह सिंडिकेट लोगों को धोखाधड़ी वाले मैसेज के जरिए खतरनाक एपीके फाइलें इंस्टॉल करवाता था। इन ऐप्स से पीड़ितों के मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच मिल जाती थी और फिर खातों से पैसे उड़ा लिए जाते थे।

फिलहाल पुलिस यूएसए से जुड़े हैंडलर्स की भूमिका और इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के पूरे ढांचे की जांच कर रही है। डीएसपी साउथ अनंत मित्तल ने बताया कि आगे की जांच जारी है।