सना, 21 सितंबर (आईएएनएस)। यमन के हूती समूह ने कहा है कि पिछले 24 घंटों के दौरान देश के तीन प्रांतों में 28 हवाई हमले किए गए। ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब कई मोर्चों पर हूती लड़ाकों और यमन सरकार की सेनाओं के बीच जमीनी लड़ाई जारी है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारीया ने रविवार को एक बयान में कहा कि सऊदी अरब के खामिस मुशैत और ताइफ एयरबेस से उड़ान भरने वाले एफ-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने ये हमले किए।
उनके मुताबिक, हमले दक्षिण-पश्चिमी यमन के ताइज, उत्तर-पूर्व में तेल से समृद्ध मारिब और उत्तरी अल-जौफ प्रांत में किए गए।
सरीया ने दावा किया कि हालिया तनाव और लड़ाई शुरू होने के बाद से अब तक कुल 760 हवाई हमले किए जा चुके हैं। सऊदी अरब ने इन ताजा आंकड़ों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
हूती के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी ने इससे पहले बताया था कि अल-जौफ में एक हवाई हमले में टेलीकम्युनिकेशन टावर को निशाना बनाया गया। वहीं, सऊदी अरब की सीमा से लगे उत्तरी सादा प्रांत के कुछ इलाकों में तोपों से गोलाबारी की गई।
ये हवाई हमले ऐसे समय हुए हैं, जब दक्षिण-पश्चिमी यमन में सरकारी सेना और हूती लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई चल रही है। हाल के दिनों में यहां कई बार ऐसा हुआ है कि मोर्चे पर कुछ इलाकों का नियंत्रण एक पक्ष से दूसरे पक्ष के हाथ में जाता रहा है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, यमन सरकार से जुड़े एक सैन्य सूत्र ने रविवार को बताया कि सरकारी सेना ने पश्चिमी ताइज में कई ठिकानों पर दोबारा कब्जा कर लिया है। हालांकि, भीषण लड़ाई के बावजूद पूरे इलाके में मोर्चे की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
हाल के दिनों में हूती समूह ने यमन के दक्षिण-पश्चिम में लाल सागर के तटीय इलाके में बड़ी बढ़त हासिल की है।
हूती लड़ाकों ने दस सितंबर को ताइज प्रांत के बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद वे दक्षिण की ओर बढ़े और 11 सितंबर को धुबाब और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बीच स्थित मय्यून द्वीप पर भी कब्जा कर लिया।
अब यमन की सरकारी सेना इस अहम समुद्री रास्ते की ओर जाने वाले पहाड़ी इलाकों में हूती लड़ाकों को और आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रही है।
यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में शुरू हुआ था, जब हूती समूह ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था।
इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य दखल दिया था।
हाल में हूती लड़ाकों की तेजी से हुई बढ़त को 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के बाद से सबसे बड़ी सैन्य बढ़ोतरी माना जा रहा है। उस युद्धविराम के बाद यमन में बड़े स्तर की लड़ाई काफी हद तक रुक गई थी।
