रायपुर, 23 सितंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल ऑफिस ने सीजीपीएससी (छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग) भर्ती घोटाले के सिलसिले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध करने के आरोप में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) के तत्कालीन चेयरमैन तमन सिंह सोनवानी, छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्यमंत्री कार्यालय में तत्कालीन ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) चेतन बोरघरिया और अन्य के खिलाफ विशेष न्यायालय (पीएमएलए), रायपुर में अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है।
इससे पहले ईडी ने जांच के दौरान अपराध से हुई कमाई के तौर पर पहचानी गई तमन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष चंद्राकर और अन्य की 47 लाख रुपए की चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (पीएओ) भी जारी किया था।
ईडी की जांच ईओडब्ल्यू/एसीबी, रायपुर द्वारा सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा, 2020 और 2021 में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, हेरफेर और अनियमितताओं के संबंध में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। बाद में जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली, जिसने तमन सिंह सोनवानी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और बाद में इस मामले में चार्जशीट दायर की।
ईडी की जांच से पता चला कि उत्कर्ष चंद्राकर ने अन्य लोगों के साथ मिलकर सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा 2021 के विभिन्न उम्मीदवारों से 3 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध रकम वसूली। यह रकम उन्हें पहले से प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने और तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में अपनी कथित पहुंच और प्रभाव का इस्तेमाल करके उनका चयन सुनिश्चित करने के भरोसे पर ली गई थी।
जांच में यह भी पता चला कि परीक्षा से पहले कुछ उम्मीदवारों को लीक हुए प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए गए थे। प्रारंभिक परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में इकट्ठा किया गया था, जहां उन्हें लीक हुआ प्रश्न पत्र बांटा गया था। इसके बाद, उम्मीदवारों को बरनवापारा सैंक्चुअरी रिजॉर्ट में ठहराया गया, जहां उन्हें मुख्य परीक्षा से संबंधित लीक हुए प्रश्न पत्रों के आधार पर कोचिंग दी गई।
आगे की जांच में यह भी पता चला कि सीजीपीएससी के चेयरमैन के तौर पर काम करते हुए तमन सिंह सोनवानी अपने रिश्तेदारों और अन्य पसंदीदा उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित करने के लिए भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर करने में शामिल थे। जांच के दौरान पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत 25 जुलाई को तमन सिंह सोनवानी, 1 सितंबर को उत्कर्ष चंद्राकर और 11 सितंबर को चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया गया। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच जारी है।
