बेंगलुरु, 27 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में नंदिनी दूध के दाम बढ़ाने की तैयारी के बीच बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि दाम में ज्यादा बढ़ोतरी न की जाए। एसोसिएशन ने कहा है कि सरकार दूध के दाम में 2-3 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी न करे क्योंकि इससे होटल और फूड इंडस्ट्री की लागत काफी बढ़ जाएगी।
इसको लेकर बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने कर्नाटक के सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना को एक पत्र लिखा है। पत्र में एसोसिएशन ने कहा कि होटल इंडस्ट्री लंबे समय से बड़ी मात्रा में नंदिनी दूध खरीद रही है, जिससे डेयरी किसानों को सीधे तौर पर फायदा हो रहा है।
एसोसिएशन ने माना कि डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए दूध के दाम में थोड़ी बढ़ोतरी जरूरी हो सकती है। लेकिन सरकार की ओर से 8-10 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ाने के प्रस्ताव पर उन्होंने चिंता जताई है। एसोसिएशन ने कहा कि यह नंदिनी दूध के इतिहास में सबसे बड़ी बढ़ोतरी होगी।
एसोसिएशन के अनुसार, अगर दाम में इतनी तेज बढ़ोतरी हुई तो इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, बेकरी, मिठाई की दुकानों, आइसक्रीम पार्लर और अन्य फूड बिजनेस पर पड़ेगा। उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि दूध की लागत बढ़ने से कारोबारियों को मजबूरन दूध से बनने वाले प्रोडक्ट और चाय-कॉफी जैसे पेय पदार्थों के दाम बढ़ाने पड़ेंगे। इससे आम ग्राहकों पर भी असर पड़ेगा।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर नंदिनी दूध महंगा हुआ तो दूसरे राज्यों से आने वाले दूध की मांग बढ़ सकती है। इससे नंदिनी दूध की खपत पर असर पड़ सकता है, जो कर्नाटक के डेयरी सेक्टर के लिए ठीक नहीं होगा। इसी वजह से एसोसिएशन ने सरकार से अनुरोध किया है कि दाम में बढ़ोतरी को 2-3 रुपये प्रति लीटर तक ही सीमित रखा जाए और होटल और फूड इंडस्ट्री को सहारा दिया जाए।
इसके साथ ही एसोसिएशन ने सरकार से यह भी अपील की है कि डेयरी किसानों की बढ़ती उत्पादन लागत को देखते हुए उन्हें सब्सिडी या अन्य तरह की मदद दी जाए, ताकि किसानों को भी नुकसान न हो और होटल इंडस्ट्री पर भी ज्यादा बोझ न पड़े।
