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तृणमूल-सीपीआई(एम) की नजदीकी पर सुवेंदु अधिकारी का तंज, बोले- यह ‘सुविधा की शादी’

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कोलकाता, 27 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई (एम) के बीच राष्ट्रीय स्तर पर बन रही समझ को लेकर चल रही अटकलों के बीच पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को इस उभरती हुई समझ को परोक्ष रूप से ‘सुविधा की शादी’ करार दिया।

सीएम सुवेंदु अधिकारी की यह टिप्पणी हाल ही में एक मीडिया हाउस की रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के शीर्ष अधिकारियों के बीच ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) को लेकर मतभेदों के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सीपीआई (एम) के महासचिव एम.ए. बेबी के बीच संदेशों के आदान-प्रदान का जिक्र किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा, “एम.ए. बेबी और ममता बनर्जी के बीच संदेशों के आदान-प्रदान का मकसद साफ तौर पर राजनीतिक समझ बनाना था। एक समय था जब पश्चिम बंगाल की जनता ने सीपीआई (एम) को हटाने के लिए तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में पहुंचाया था। और अब तृणमूल कांग्रेस और सीपीआई (एम) दोस्त बन गए हैं। ममता बनर्जी ने सीपीआई (एम) से हाथ मिला लिया है। अब सीपीआई (एम) उनकी दोस्त बन गई है। यह सब सिर्फ खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए किया जा रहा है, लेकिन इन सबके बावजूद वह राज्य में अपनी स्थिति नहीं बदल पाएंगी।”

सीएम सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के उन आरोपों का भी जिक्र किया जिनमें कहा गया था कि एसआईआर के कारण पश्चिम बंगाल में 27 लाख से ज्यादा असली वोटरों के नाम हटा दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “अब वह अपनी हार का दोष भाजपा, ईसीआई और एसआईआर पर मढ़ रही हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि वह एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। इन न्यायिक अधिकारियों ने ही फैसले लिए थे।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि ममता बनर्जी समेत विपक्ष के नेता बाद के चुनावों में अपनी हार के लिए एसआईआर को बहाना बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “पश्चिम बंगाल में हमने 208 सीटें जीतीं। तृणमूल कांग्रेस सिमटकर सिर्फ 80 सीटों पर रह गई। ममता बनर्जी जनता के फैसले को स्वीकार नहीं कर पा रही हैं। अब तो उन्होंने उस पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न भी खो दिया है जिसे उन्होंने ही बनाया था।”

सीएम ने शनिवार दोपहर हुगली जिले के श्रीरामपुर में ममता बनर्जी की रैली में तृणमूल कांग्रेस समर्थकों की बहुत कम मौजूदगी का मजाक भी उड़ाया।