अगरतला, 27 सितंबर (आईएएनएस)। सत्तारूढ़ भाजपा अपने दो आदिवासी सहयोगी दलों, टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ मिलकर त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) के अंतर्गत होने वाले ग्राम समिति के चुनाव में दिखेगी। इसका मुकाबला विपक्षी सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा और कांग्रेस से है।
टीटीएएडीसी भारतीय संविधान के 49वें संशोधन के बाद 1 अप्रैल, 1985 को छठी अनुसूची के तहत काम करने लगी थी। टीटीएएडीसी का अधिकार क्षेत्र त्रिपुरा के 10,491 वर्ग किलोमीटर इलाके के लगभग दो-तिहाई हिस्से पर है और यहां 12.16 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं, जिनमें से लगभग 84 प्रतिशत आदिवासी समुदायों से हैं।
टीटीएएडीसी का बाहरी इलाकों में ग्राम पंचायतों के बराबर माने जाने वाले ग्राम समिति चुनावों के लिए महीनेभर चला कैंपेन शनिवार दोपहर को खत्म हो गया। इन चुनावों के लिए वोटिंग सोमवार को सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक होगी।
त्रिपुरा राज्य चुनाव आयोग (टीएसईसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लगभग 7,200 सरकारी कर्मचारियों वाली सभी पोलिंग टीमें दूर-दराज, पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में अपनी-अपनी जगहों के लिए रवाना हो गईं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी आठ जिलों में ग्राम समिति चुनाव निष्पक्ष, सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए 15,000 से ज्यादा केंद्रीय और राज्य सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
राजनीतिक रूप से अहम ग्राम समिति चुनावों की सुरक्षा के लिए सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (सीएपीएफ) की लगभग 74 कंपनियां (जिनमें करीब 5,000 जवान शामिल हैं) और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) व त्रिपुरा पुलिस के 10,000 जवानों को तैनात किया गया है।
टीएसईसी ने पहले घोषणा की थी कि 587 ग्राम समितियों की 4,597 सीटों के लिए चुनाव होंगे। ये समितियां गैर-टीटीएएडीसी और गैर-आदिवासी इलाकों में ग्राम पंचायतों के बराबर होती हैं।
हालांकि टीएसईसी के एक अधिकारी ने बताया कि कुल 4,597 सीटों में से टीएमपी ने 1,557 सीटें (33.87 प्रतिशत) निर्विरोध जीतीं, जबकि भाजपा ने 81 सीटें (1.76 प्रतिशत) निर्विरोध हासिल कीं।
टीएसईसी अधिकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में सीटों पर उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के बाद अब त्रिपुरा के सभी आठ जिलों के 52 में से 44 ब्लॉकों की 2,954 सीटों के लिए सोमवार को वोटिंग होगी।
टीएमपी, भाजपा और सीपीआई (एम) समेत कई राजनीतिक पार्टियों के 1,069 उम्मीदवारों के अपना नामांकन वापस लेने के बाद अब ग्राम समिति चुनावों के लिए कुल 9,820 उम्मीदवार मैदान में हैं।अधिकारियों ने वोटिंग के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए हैं कि वोटर शांति से अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें।
ग्राम समिति चुनाव एक दशक बाद हो रहे हैं और इन्हें टीटीएएडीसी के तहत आने वाले आदिवासी इलाकों में स्थानीय शासन के लिए अहम माना जा रहा है। 2021 से, पूर्व शाही परिवार के सदस्य प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा की अगुवाई वाली टिपरा मोथा पार्टी राजनीतिक रूप से अहम 30 सदस्यों वाली टीटीएएडीसी का कामकाज संभाल रही है। इसमें 28 चुने हुए सदस्य और दो सदस्य राज्य सरकार द्वारा नॉमिनेट किए जाते हैं।
