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विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं, इसलिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहा : नायब सैनी

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गुरुग्राम, 27 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्षी दलों की आलोचना की है। सीएम सैनी ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि विपक्ष पिछले कुछ समय से देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का प्रयास कर रहा है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि विपक्ष अपनी नीतियों के कारण हताश और निराश है और अब उसके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने या संवैधानिक संस्थाओं को लेकर सवाल खड़े करने के अलावा कोई मुद्दा नहीं बचा है।

सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जिससे यह धारणा बने कि देश की चुनावी व्यवस्था में गंभीर गड़बड़ियां हैं। चुनाव आयोग ने अपने संयुक्त बयान के माध्यम से स्थिति स्पष्ट कर दी है और एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर आयोग ने अपना पक्ष सामने रखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करते हैं। चुनाव आयोग एक संवैधानिक और स्वतंत्र संस्था है। इसके विपरीत विपक्षी दलों ने इस तरह का सम्मान नहीं दिखाया है।”

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 24 जून 2025 के मूल आदेश अथवा विभिन्न चरणों में एसआईआर लागू करने के कार्यक्रम को लेकर आयोग के भीतर कोई असहमति नहीं है।

सैनी ने विपक्ष के उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें चुनाव आयोग के अंदर एसआईआर को लेकर मतभेद की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से असहमति के दावे और लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद विपक्ष के आरोपों की स्थिति जनता के सामने स्पष्ट हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेता बिना पर्याप्त तथ्यों के आरोप लगाते हैं और बाद में अपने बयानों से पीछे हट जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा कि उनके और कांग्रेस के नेताओं की यह आदत बन गई है कि वे पहले कोई आरोप लगाते हैं और बाद में माफी मांग लेते हैं।

सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका को कमजोर किया है और राजनीतिक मर्यादाओं का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करना है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री ने अपने बयान में विपक्ष के पिछले शासनकाल को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के शासन के दौरान युवाओं, किसानों, गरीबों और महिलाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनके अनुसार, युवाओं को अपमान सहना पड़ा, किसानों और गरीबों के साथ अन्याय हुआ तथा महिलाओं के बीच भय का माहौल था।

सैनी ने कहा कि देश की जनता ने विपक्ष की गलत नीतियों को नकार दिया है और जहां भी चुनाव होते हैं, वहां जनता उन्हें सत्ता से बाहर कर देती है। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने की राजनीति कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद चुनाव प्रक्रिया और एसआईआर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर स्थिति स्पष्ट हो गई है। उन्होंने दोहराया कि सरकार संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनके स्वतंत्र कामकाज को महत्वपूर्ण मानती है।