इस्लामाबाद, 27 सितंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने इस्लामाबाद में चल रहे तीन अवैध कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर 212 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में कई चीनी नागरिक भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये कॉल सेंटर एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन धोखाधड़ी (फ्रॉड) नेटवर्क से जुड़े थे। आरोप है कि इन केंद्रों के जरिए लोगों को ऑनलाइन ठगा जाता था और साइबर अपराध को अंजाम दिया जाता था।
पाकिस्तान की राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी (एनसीसीआईए) ने इस्लामाबाद के E-11 और G-10 सेक्टर में छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया। ये कॉल सेंटर कई तरह के ऑनलाइन ठगी के तरीके अपनाते थे। इनमें टास्क फ्रॉड, रोमांस या लव-डेटिंग स्कैम और गूगल के प्रतिनिधि बनकर लोगों को ठगना शामिल था।
टास्क फ्रॉड में ठग लोगों को ऑनलाइन छोटे-छोटे काम, जैसे वीडियो लाइक करना, उत्पादों की रेटिंग देना या कंटेंट का प्रचार करने के बदले पैसे देने का लालच देते थे। शुरुआत में कुछ पैसे देकर भरोसा जीतते थे, फिर ज्यादा कमाई का झांसा देकर बड़ी रकम जमा करवाते थे।
एनसीसीआईए के प्रवक्ता के अनुसार, छापेमारी के दौरान 383 कंप्यूटर और सीपीयू, 306 मोबाइल फोन तथा 299 मॉनिटर और लैपटॉप शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों में पाकिस्तानी और चीनी नागरिक दोनों शामिल हैं, हालांकि अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में चीनी नागरिकों की संख्या कितनी है।
द जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी (एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान) के हवाले से दी गई है।
पिछले साल जुलाई में भी एनसीसीआईए ने फैसलाबाद में एक फैक्ट्री पर छापा मारकर 149 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें 48 चीनी नागरिक भी शामिल थे।गिरफ्तार लोग बैंकों की इंटरनेट प्रणालियों को हैक करने और अन्य साइबर अपराधों में शामिल थे।
