कोलकाता, 28 सितंबर (आईएएनएस)। ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीएमसी) के विधायक कुणाल घोष ने अपने ऊपर हुए हालिया हमलों के बाद सुरक्षा की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। विधायक कुणाल घोष ने अपने ऊपर और हमलों की आशंका जताई।
न्यायमूर्ति सौगता भट्टाचार्य की अध्यक्षता वाली एकल-न्यायाधीश पीठ ने फिलहाल कुणाल घोष की याचिका को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, न्यायालय ने उनकी तत्काल सुनवाई की अपील को अस्वीकार कर दिया और निर्देश दिया कि मामले पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सुनवाई की जाएगी।
कुणाल घोष की ओर से पेश हुए वकील बिश्वरूप भट्टाचार्य ने दलील दी कि तत्काल सुनवाई आवश्यक है, क्योंकि उनके मुवक्किल एक निर्वाचित जन प्रतिनिधि हैं, जिन पर दो बार हमले हो चुके हैं। हालांकि, न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने तत्काल सुनवाई की याचिका खारिज कर दी।
आरोप है कि 26 सितंबर की दोपहर हुगली जिले के उत्तरपाड़ा में विधायक कुणाल घोष की गाड़ी पर हमला हुआ था। स्थानीय लोगों ने उनका विरोध करते हुए कार पर अंडे फेंके थे। वह पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की रैली में शामिल होने के लिए श्रीरामपुर जा रहे थे। घोष ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता थे।
इसके अगले दिन, कोलकाता के बेलियाघाटा निर्वाचन क्षेत्र में कुणाल घोष को फिर से निशाना बनाया गया। ममता बनर्जी के विधायक ने आरोप लगाया कि जब वह अपने घर से निकल रहे थे तो कई लोगों ने उनकी गाड़ी का पीछा किया और उनमें से कुछ के पास रिवॉल्वर थीं।
घोष ने यह भी आरोप लगाया कि हथौड़े से उनकी कार की खिड़कियां तोड़ने की कोशिश की गई। साथ ही आगे और पीछे की खिड़कियों पर पत्थर भी फेंके गए। इस घटना में उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचा। विधायक के अनुसार, उनकी कार का नारकेलडांगा तक पीछा किया गया।
उन्होंने हमले के पीछे भाजपा समर्थित लोगों का हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटनाओं के बावजूद पुलिस निष्क्रिय रही। हालांकि, भाजपा ने हमलों में शामिल होने के आरोपों से इनकार किया है।
