नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार की पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना जल्द शुरू होने जा रही है। परिवहन एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अब तक करीब 19 लाख पिंक सहेली कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की माताओं और बहनों ने योजना के लिए उत्साहपूर्वक सहयोग किया है और परिवहन विभाग ने भी इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां की हैं।
दिल्ली सरकार में परिवहन एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि योजना का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद उम्मीद है कि उसके अगले दिन से योजना को शुरू कर दिया जाएगा। इस योजना के तहत दिल्ली की महिलाएं डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ उठाने के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड आवश्यक होगा।
डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि करीब 19 लाख कार्ड जारी होना योजना के प्रति महिलाओं की भागीदारी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग की ओर से योजना को लागू करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है और जल्द ही महिलाएं पिंक सहेली कार्ड का इस्तेमाल शुरू कर सकेंगी।
परिवहन मंत्री ने दिल्ली में चल रहे ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ अभियान को लेकर भी लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को अपने वाहनों का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) बनवाना चाहिए। बिना पीयूसी प्रमाणपत्र के पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाएगा कि बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के किसी वाहन को ईंधन न मिले। उन्होंने दिल्लीवासियों से नियमों का पालन करने और समय पर पीयूसी प्रमाणपत्र प्राप्त करने की अपील की।
वहीं, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन (डीएसएचएम) कार्यालय का दौरा कर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मिशन के तहत संचालित योजनाओं के कामकाज और उनके क्रियान्वयन की जानकारी ली।
मंत्री ने डॉक्टरों, तकनीशियनों, कार्यक्रम अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से बातचीत कर उनके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यक्रम प्रमुखों को निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर नागरिकों तक पहुंचें। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा।
