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पश्चिम बंगाल : पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के खिलाफ टेंडर अनियमितता मामले की जांच शुरू

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कोलकाता, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया था। आयोग ने सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की निविदा (टेंडर) प्रक्रिया में करोड़ों रुपए की अनियमितताओं के मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

तृणमूल कांग्रेस के पिछले शासनकाल में इंद्रनील सेन ने राज्य मंत्रिमंडल में दो विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी। वह पहले सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में राज्य मंत्री रहे और बाद में पश्चिम बंगाल के पर्यटन मंत्री के रूप में कार्यरत रहे थे।

न्यायिक पैनल मॉडर्न गोरोब बांग्ला (बंगाल, हमारा गौरव) परियोजना के लिए दिए गए अनुबंधों में अनियमितताओं की जांच कर रहा है, जिसे उनके विभाग में कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था।

न्यायिक जांच समिति के एक सदस्य ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए आईएएनएस को बताया कि विशिष्ट आरोपों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। जांच समिति के सदस्य ने कहा, “फिलहाल मैं जांच के हित में और अधिक जानकारी नहीं दे सकता।”

“मोदेर गोरोब बांग्ला” परियोजना पश्चिम बंगाल के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग द्वारा बंगाल की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, इतिहास और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने तथा राज्य के प्रत्येक जिले के स्थानीय कलाकारों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इसके तहत हर जिले में मेलों का आयोजन किया गया। परियोजना के हिस्से के रूप में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में मेले, प्रदर्शनियां और हस्तशिल्प स्टॉल लगाए गए।

न्यायिक पैनल को एक शिकायत मिली कि 2022 और 2023 में इस मेले और प्रदर्शनी के सभी टेंडर इंद्रनील सेन के करीबी कुछ विशेष संगठनों को दिए गए थे।

यह आरोप लगाया गया था कि सेन ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अपनी पसंद और विश्वास के चुनिंदा संस्थानों के लिए करोड़ों के टेंडर की व्यवस्था की, जिनमें से कुछ सेन के रिश्तेदार भी थे।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले से ही सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा सेन से जुड़ी दो कंपनियों की जांच कर रहा है। इनमें से एक कंपनी “मास आर्ट” है, जिस पर यूनेस्को की अनुमति के बिना उसके नाम और लोगो का इस्तेमाल करके “दुर्गा पूजा पूर्वावलोकन शो” के पास जारी करने का आरोप है।

दूसरी कंपनी ऑक्टेव रिकॉर्ड्स सेन के स्वामित्व वाली एक प्रोप्राइटरशिप फर्म है। जांच के सिलसिले में ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम भी लिया है।