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भगवान को भी देनी पड़ी थी अग्निपरीक्षा, तो चुनाव आयोग क्यों बच रहा है: आनंद दुबे

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मुंबई, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने रविवार को एक साथ कई मोर्चों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। महाराष्ट्र-कर्नाटक में पड़े भीषण सूखे को किसान आत्महत्याओं की बड़ी वजह बताते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से विशेष राहत पैकेज की मांग की। साथ ही एसआईआर में अनियमितताओं के आरोपों पर चुनाव आयोग से खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘अग्निपरीक्षा’ देने की मांग की।

आनंद दुबे ने कहा कि महाराष्ट्र हो या कर्नाटक, सूखा एक बेहद गंभीर समस्या बनकर सामने आया है। महाराष्ट्र में इस बार भीषण सूखे के कारण कई किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। ऐसी ही स्थिति कर्नाटक में भी है। चूंकि महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा लगती है, ऐसे में समय पर बारिश न होना और फसलों का बर्बाद होना दोनों राज्यों के लिए बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे हों या कोई अन्य नेता, विपक्ष भी इस देश का हिस्सा है और केंद्र सरकार से मदद मांगना उनका अधिकार है। कर्नाटक में कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन वहां डबल इंजन की सरकार नहीं है, इसलिए समन्वय बैठाने में परेशानी हो रही है, जबकि जहां डबल इंजन की सरकार है, वहां आसानी से तालमेल बैठ जाता है।

आनंद दुबे ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी मामले का संज्ञान लेंगे और कर्नाटक के साथ महाराष्ट्र के लोगों के लिए भी राहत पैकेज और बड़ी मुआवजा राशि की घोषणा करेंगे।

कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि चाहे मुंबई हो, ठाणे हो, नासिक, पुणे, नागपुर या बीड़ हो, हर जगह अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। हत्याएं, लूटपाट और भ्रष्टाचार खुलेआम हो रहे हैं। जिस तरह से प्रदीप पूर्णेकर की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अभी तक पुलिस यह पता नहीं लगा पाई है कि इसके पीछे किसकी साजिश है।

आनंद दुबे ने कहा कि पीड़ित लोग गुहार लगा रहे हैं कि अब उन्हें कानून-व्यवस्था पर भरोसा नहीं रहा, हमें न्याय चाहिए। मुख्यमंत्री फडणवीस को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और विपक्ष की बात सुननी चाहिए।

उन्होंने मांग की कि इन मामलों की एसआईटी, सीबीआई और सीआईडी के जरिए जांच कराई जानी चाहिए, क्योंकि अगर इसी तरह लोगों की हत्या होती रही तो स्थिति गंभीर हो जाएगी। बाबा सिद्दीकी की हत्या हो गई, सलमान खान के घर पर फायरिंग हुई, अब गोविंद गोपालकर की हत्या हो गई, ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।

उन्होंने कहा कि यह एक जायज मांग है, इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए और विपक्ष को सम्मान देते हुए सरकार को इस विषय पर गंभीरता दिखानी चाहिए।

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह सवाल पी. चिदंबरम के विरोध में नहीं है, बल्कि सवाल यह है कि जनता क्या चाहती है। जनता कह रही है कि एसआईआर के नाम पर कई अनियमितताएं और खामियां हैं, जिनसे काफी परेशानी हो रही है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त चोकलिंगम ने भी केंद्र सरकार के चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। सभी लोग अपने-अपने स्तर पर मांग कर रहे हैं और जगह-जगह मोर्चे और आंदोलन हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा जरूर होनी चाहिए। चाहे ज्ञानेश कुमार हों, सुखबीर सिंह संधू हों या विवेक जोशी हों, सभी को एक साथ बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए और बताना चाहिए कि हर जगह चुनाव को लेकर उनके पास क्या साधन-संसाधन हैं और कहां क्या सही है और क्या गलत। अग्निपरीक्षा तो हमारे भगवान को भी देनी पड़ी थी, तो आप क्यों नहीं दे रहे हैं।

कैप्टन स्मित मच्छार को लेकर उन्होंने कहा कि यह हमारे देश के लिए बेहद गौरव की बात है कि हमारे जांबाज पायलट स्मित मच्छार को इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। यह बहुत खुशी की बात है और देशवासियों के लिए सम्मान का विषय है।

उन्होंने कहा कि जिस जांबाजी और बहादुरी का परिचय स्मित ने दिया, वह काबिले-तारीफ है। उन्होंने बताया कि उस दौरान वह हनुमान जी का स्मरण कर रहे थे- ‘कौन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होय तात तुम पाहीं’ और ‘राम काज करिबे को आतुरा, सुनहु विनय मम बिटप विशाला’।

आनंद दुबे ने कहा कि हनुमान जी और राम जी का नाम ही सबसे बड़ी मुश्किल और संकट से बाहर निकलने के लिए काफी है। यह सनातन और हिंदू धर्म का भी सम्मान है। हम कामना करते हैं कि स्मित जल्द से जल्द स्वस्थ हों, भारत में भी उनका भव्य स्वागत होगा।

उन्होंने कहा कि जब-जब विश्व में संकट आया है, सनातन ने ही दिशा दिखाई है। हम इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का हृदय से आभार व्यक्त करते हैं और धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने हमारे देश के एक जांबाज नागरिक को अपने इतने बड़े उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, यह बहुत बड़ी बात है।