कोलकाता, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल से जुड़े वित्तीय गबन और भ्रष्टाचार के मामले में पुलिस ने एक और सरकारी अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को जिले के मोहम्मदबाजार इलाके से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सब्यसाची मंडल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह मोहम्मदबाजार ब्लॉक स्थित भूमि एवं भूमि सुधार कार्यालय (बीएलआरओ) के पूर्व अधिकारी रह चुके हैं। उन्हें शनिवार को पूछताछ के लिए सूरी बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान उनके बयानों में कई विसंगतियां मिलने के बाद शनिवार देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, सब्यसाची मंडल वर्तमान में झाड़ग्राम जिले में कलेक्टर और भूमि अधिग्रहण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि उनके तुलु मंडल से विशेष संबंध थे। उन पर सरकारी राजस्व के गबन और फर्जी रसीद या डुप्लीकेट कार्बन रसीद (डीसीआर) गिरोह को मदद पहुंचाने का आरोप है।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, सब्यसाची वर्ष 2022 से 2025 तक मोहम्मदबाजार के बीएलआरओ रहे थे। इसी दौरान कथित तौर पर फर्जी डीसीआर के जरिए सरकारी राजस्व में हेराफेरी की गई।
इस मामले में पिछले महीने पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बीएलआरओ कार्यालय के कोषाध्यक्ष विश्वजीत साहा समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान विश्वजीत साहा से कई बार पूछताछ की गई थी। पुलिस के मुताबिक, पांच बार पूछताछ के बाद उनके बयानों में कई विसंगतियां सामने आईं, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
वहीं, तुलु मंडल के बेहद करीबी कर्मचारी कौसर अली को भी कई दौर की पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जांचकर्ताओं का दावा है कि कौसर तुलु की बेहिसाबी आय के अलावा उसके कई बैंक खातों का प्रबंधन भी करता था। पुलिस ने उसके पास से कई बैंक चेकबुक भी बरामद की थीं।
तुलु मंडल पर बीरभूम के मोहम्मदबाजार और नलहाटी समेत कई इलाकों में पत्थर और बालू के कारोबार पर कथित तौर पर एकाधिकार रखने का आरोप है। यह मामला पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़ा बताया जा रहा है।
आरोप है कि प्रशासन के एक वर्ग की मदद से तुलु मंडल ने फर्जी डुप्लीकेट कार्बन रसीदें (डीसीआर) तैयार कराईं और इनके जरिए सरकार को मिलने वाले राजस्व में करोड़ों रुपये का गबन किया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस कथित नेटवर्क के जरिए उसने बड़ी मात्रा में संपत्ति अर्जित की।
तुलु मंडल के बहनोई मिनार मंडल के घर पर तलाशी के दौरान 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद होने के बाद तुलु फरार हो गया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
जांचकर्ताओं का अनुमान है कि तुलु मंडल दुबई या तुर्किये भाग चुका है। हाल ही में सरकारी वकील ने सूरी जिला अदालत में उसे ‘घोषित अपराधी’ घोषित करने और उसकी संपत्तियां जब्त करने के लिए आवेदन किया है।
