SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय बिहार में प्रशासनिक फेरबदल, नवल किशोर चौधरी बने राज्य स्वास्थ्य समिति के...

बिहार में प्रशासनिक फेरबदल, नवल किशोर चौधरी बने राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक

0
5

पटना, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार सरकार ने रविवार को प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के दो अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, नवल किशोर चौधरी और अमित कुमार पांडेय के विभागीय दायित्वों में बदलाव किया गया है।

दोनों अधिकारियों को उनके नए पदों पर तत्काल प्रभाव से पदस्थापित किया गया है।

अधिसूचना के मुताबिक, 2013 बैच के आईएएस अधिकारी नवल किशोर चौधरी को बिहार राज्य संचरण कंपनी लिमिटेड, पटना के प्रबंध निदेशक पद से स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक के पद पर पदस्थापित किया गया है।

चौधरी नगर विकास एवं आवास विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। नई पदस्थापना के साथ उन्हें नगर विकास एवं आवास विभाग के विशेष सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

इसी तरह, 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अमित कुमार पांडेय को राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक पद से स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में अपर सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है।

अधिसूचना में कहा गया है कि अमित कुमार पांडेय स्वास्थ्य विभाग में अपर सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्हें स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

राज्य सरकार की ओर से जारी इस प्रशासनिक बदलाव को स्वास्थ्य, राजस्व और भूमि सुधार जैसे महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियों के पुनर्संयोजन के तौर पर देखा जा रहा है। राज्य स्वास्थ्य समिति स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पास राज्य में भूमि संबंधी प्रशासन और सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व हैं। दोनों अधिकारियों की नई पदस्थापना के संबंध में अधिसूचना बिहार के राज्यपाल के आदेश से सामान्य प्रशासन विभाग के सरकार के विशेष सचिव संजय कुमार द्वारा जारी की गई है।

नई जिम्मेदारियों के साथ दोनों अधिकारियों के समक्ष अपने-अपने विभागों में प्रशासनिक कार्यों को गति देने की चुनौती होगी।