अमरावती, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों ने सोमवार को हाईकोर्ट परिसर में आयोजित एक समारोह में न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस लिसा गिल ने जस्टिस महेश्वर राव कुंचम (उर्फ कुंचम), जस्टिस थूटा चंद्र धन शेखर (उर्फ टी.सी.डी. शेखर), जस्टिस चल्ला गुणरंजन, जस्टिस अवधानम हरि हरनाध शर्मा और जस्टिस यादवल्ली लक्ष्मण राव को शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह से पहले पांच नए स्थायी जजों की नियुक्ति का नोटिफिकेशन पढ़कर सुनाया गया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 23 सितंबर को हुई अपनी बैठक में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के स्थायी जजों के तौर पर इन अतिरिक्त जजों की नियुक्ति के प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 30 सितंबर को उन्हें जज के तौर पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया।
जस्टिस कुंचम महेश्वर राव, थूटा चंद्र धन शेखर और चल्ला गुणरंजन ने 28 अक्टूबर 2024 को हाई कोर्ट के अतिरिक्त जजों के तौर पर शपथ ली थी। इसी तरह, जस्टिस अवधानम हरि हरनाध शर्मा और यादवल्ली लक्ष्मण राव ने 24 जनवरी 2025 को अतिरिक्त जजों के तौर पर शपथ ली थी।
जस्टिस कुंचम महेश्वर राव ने एसवी यूनिवर्सिटी, तिरुपति से बैचलर ऑफ एकेडमिक लॉज और बैचलर ऑफ लॉज की डिग्री हासिल की और 17 फरवरी, 1998 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया में एनरोल हुए। साल 2000 में उन्होंने अपनी प्रैक्टिस हैदराबाद में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में शिफ्ट कर ली। उन्होंने कई प्रमुख पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स के लिए स्टैंडिंग काउंसिल के तौर पर काम किया, जिनमें फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन, एचपीसीएल, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी और अन्य प्रतिष्ठित फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस शामिल हैं।
जस्टिस थूटा चंद्र धना शेखर ने वीआर लॉ कॉलेज, नेल्लोर से बैचलर ऑफ लॉज की डिग्री हासिल की और 11 मार्च, 1999 को बार काउंसिल ऑफ आंध्र प्रदेश में एडवोकेट के तौर पर एनरोल हुए। बेंच में पदोन्नत होने से पहले उन्होंने सितंबर 2019 से आंध्र प्रदेश राज्य के लिए कमर्शियल टैक्सेस के सरकारी वकील (गवर्नमेंट प्लीडर) के तौर पर हाई कोर्ट में काम किया।
जस्टिस चल्ला गुणरंजन ने हैदराबाद में अपनी डिग्री और लॉ की पढ़ाई पूरी की और 2001 में एडवोकेट के तौर पर एनरोल हुए। उन्होंने 2011 से 2013 तक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए स्टैंडिंग काउंसिल के तौर पर काम किया और हाई कोर्ट में कई एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने ट्रिब्यूनल और हाई कोर्ट के सामने भारत सरकार के कई पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स के लिए स्पेशल काउंसिल के तौर पर भी काम किया।
जस्टिस अवधानम हरि हरनाध शर्मा ने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से जुड़े वीआर लॉ कॉलेज, नेल्लोर से बीएल की डिग्री हासिल की। उन्होंने 2 मार्च, 1994 को आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में एक वकील के तौर पर अपना नाम दर्ज कराया। उन्हें सीधी भर्ती के जरिए डिस्ट्रिक्ट जज चुना गया और 2007 में वे हायर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए।
जस्टिस यादवल्ली लक्ष्मण राव ने वीआर लॉ कॉलेज, नेल्लोर से बैचलर ऑफ लॉज़ की डिग्री हासिल की और इसके बाद आंध्र यूनिवर्सिटी, विशाखापत्तनम से लॉ में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 25 फरवरी 2014 से एलुरु, वेस्ट गोदावरी जिले में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के तौर पर काम किया।
