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भारत और तंजानिया ने संसदीय सहयोग को और मजबूत करने पर की चर्चा

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दार एस सलाम, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। तंजानिया के अरुशा में 153वें अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) का आयोजन किया गया। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी इसमें शामिल हुए। मंगलवार को उन्होंने तंजानिया नेशनल असेंबली के स्पीकर मूसा अजान ज़ुंगू के साथ बैठक भी की। इस दौरान दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग को और मजबूत करने, क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान, हरिवंश ने 153वीं आईपीयू की सफल मेजबानी के लिए मूसा अजान ज़ुंगू को बधाई दी।

तंजानिया में भारतीय उच्चायोग ने एक्स पोस्ट में कहा, “राज्यसभा के माननीय उपसभापति हरिवंश ने तंजानिया के अरुशा में 153वीं इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (आईपीयू) सभा से इतर तंजानिया की नेशनल असेंबली के माननीय स्पीकर मूसा अजान जुंगू के साथ द्विपक्षीय बैठक की।”

इसमें आगे कहा गया, “इस दौरान, संसदीय सहयोग को और मजबूत करने, क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर चर्चा हुई। उपसभापति ने 153वीं आईपीयू की सफल मेजबानी के लिए तंजानिया के स्पीकर को बधाई दी।”

हरिवंश, जो 153वीं आईपीयू असेंबली और उससे जुड़ी बैठकों में भाग लेने वाले संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, रविवार को तंजानिया के अरुशा पहुंचे थे।

राज्यसभा सचिवालय ने बताया कि आईपीयू असेंबली दुनिया भर के सांसदों को “समावेशिता, विश्वास और सभी के लिए अवसरों के माध्यम से सुशासन को बढ़ावा देना और समुदायों को सशक्त बनाना” विषय पर चर्चा के लिए एक साथ लाएगी।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में हरिवंश, लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर, लोकसभा सांसद अपराजिता सारंगी, राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा, लोकसभा सांसद संजय जायसवाल, लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत, लोकसभा सांसद लता वानखेड़े, लोकसभा सांसद बिजुली कलिता मेधी, और लोकसभा सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन शामिल हैं।

राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल आज के समय में वैश्विक महत्व के मुद्दों पर कई तरह की बैठकों, पैनल चर्चाओं और कार्यशालाओं में हिस्सा लेगा और इन मामलों पर भारत का पक्ष रखेगा।

उपसभापति हरिवंश गवर्निंग काउंसिल, आम बहस, आपातकालीन मुद्दे पर बहस और आईपीयू अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के साथ सुनवाई में हिस्सा लेंगे।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य लोकतंत्र और मानवाधिकार, शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, सतत विकास, महिलाओं की भागीदारी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, आतंकवाद-रोधी उपाय, स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, महत्वपूर्ण खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और काम का भविष्य, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और पहाड़ी व समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा में हिस्सा लेंगे।

राज्यसभा सचिवालय ने कहा, “भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी आईपीयू के साथ भारत के लगातार जुड़ाव और वैश्विक शांति, विकास, लोकतंत्र और समुदायों के सशक्तिकरण को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर संसदीय कूटनीति, बहुपक्षीय बातचीत और संसदों के बीच सहयोग के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”