पटना, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार में विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की ओर से 8 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘लोक भवन मार्च’ को लेकर सत्तारूढ़ एनडीए के नेताओं ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। जनता दल (यूनाइटेड) ने तेजस्वी यादव पर चुनावी हार के बाद आत्ममंथन नहीं करने का आरोप लगाया जबकि भाजपा ने इंडी गठबंधन के चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि विपक्ष अब केवल सड़कों पर नजर आएगा।
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने तेजस्वी यादव के प्रस्तावित ‘लोक भवन मार्च’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को पहले अपनी पार्टी की स्थिति पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने कभी बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी होने का गौरव हासिल किया था, वह आज ऐसी स्थिति में पहुंच गई है कि उसके नेता मुश्किल से विपक्ष के नेता का पद ही बचा पाए हैं।
राजीव रंजन ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव अपनी पार्टी के लगातार कमजोर होने के कारणों को समझने और उस पर विचार करने के लिए तैयार नहीं हैं। विपक्षी दल को जनता के जनादेश को स्वीकार करते हुए अपनी राजनीतिक रणनीति और संगठन की स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए।
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया को लेकर भी जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव अभी तक चुनावी हार के सदमे से बाहर नहीं निकल पाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने पिछले 20 वर्षों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काम को देखा है और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का श्रेय उन्हें देती है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए को 200 से अधिक सीटों का भारी जनादेश मिला जबकि पिछली विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी रही तेजस्वी यादव की पार्टी इस बार सिमटकर 25 विधायकों तक रह गई।
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन चाहे जितने मार्च निकाल ले, वह अब सिर्फ सड़कों पर ही दिखाई देगा और सत्ता में आने की उसकी संभावना नहीं है। मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का भरोसा और विश्वास हासिल करना जरूरी है और जनता ही सर्वोपरि है। विपक्ष जनता का विश्वास खो चुका है और अब विरोध प्रदर्शन के जरिए राजनीतिक ड्रामा कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिका पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए जाने के सवाल पर भी भाजपा नेता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अदालत जो भी फैसला करेगी, उस पर विचार किया जाएगा और चुनाव आयोग सभी मुद्दों पर अपना जवाब देगा।
उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने का आरोप लगाया। मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि विपक्ष के नेता अदालत और चुनाव आयोग के फैसलों पर भी सवाल उठाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों को जनता का भरोसा हासिल नहीं है और जो संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करते, वे ही लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस बीच जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने एनडीए के भीतर चल रहे विवादों और सहयोगी दलों के नेताओं के बीच समन्वय को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी सहयोगी दल उन स्थानों पर मौजूद थे, जहां उम्मीदवारों के नामांकन कार्यक्रम तय किए गए थे।
संजय झा ने बताया कि वह दरभंगा और मुजफ्फरपुर में थे जबकि जेडीयू और गठबंधन के अन्य नेता अलग-अलग क्षेत्रों में नामांकन कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शाम को सभी नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नामांकन प्रक्रिया और अलग-अलग सीटों की स्थिति के बारे में विस्तृत फीडबैक दिया।
