SGSU Advertisement
Home राजनीति राहुल गांधी को पीएम मोदी से निस्वार्थ सेवा सीखनी चाहिए: किरेन रिजिजू

राहुल गांधी को पीएम मोदी से निस्वार्थ सेवा सीखनी चाहिए: किरेन रिजिजू

0
5

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा कार्यकर्ताओं से निस्वार्थ सेवा की सीख लेनी चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने को लेकर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ पर भी हमला बोला।

दरअसल, ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च निकाला। हालांकि, सुरक्षा बलों ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

पत्रकारों से बातचीत में रिजिजू ने विपक्ष के प्रदर्शन को ‘ड्रामा’ करार दिया। उन्होंने कहा, “हर दिन कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और उनके सहयोगी यही ड्रामा करते रहते हैं और चुनाव आयोग तथा सुप्रीम कोर्ट पर हमला करते हैं। अब इसे बंद करने का समय आ गया है। यह ड्रामा 2014 से लगातार चल रहा है। आखिर यह कब तक चलेगा?”

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की सेवा करने पर लोगों का समर्थन और जनादेश मिलता है। अगर जनादेश नहीं मिलता तो चुनाव आयोग को गाली दी जाती है। सुप्रीम कोर्ट माफी मांगने के लिए कहता है तो बाद में उसी अदालत पर हमला किया जाता है और कहा जाता है कि उन्हें अदालत पर भरोसा नहीं है।

रिजिजू ने कहा कि चुनाव आयोग और सरकार को ‘चोर’ कहना न तो लोकतंत्र को मजबूत करेगा और न ही कांग्रेस को दोबारा खड़ा करने में मदद करेगा।

राहुल गांधी को लेकर रिजिजू ने कहा, “मैं खास तौर पर राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी से सीखें और भाजपा कार्यकर्ताओं से सीखें, जो लगातार और निस्वार्थ भाव से अपने लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए काम करते हैं। आपको भी ऐसा ही करना चाहिए। यह ड्रामा बंद कीजिए।”

उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी लगातार जनता की सेवा करेंगे तो लोग उन पर भरोसा करेंगे, जबकि इस तरह का प्रदर्शन और राजनीतिक नैरेटिव उन्हें कोई मदद नहीं देगा।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रिजिजू ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लगाए गए आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश पर 55 वर्षों तक शासन करने का अवसर मिला और इसी दौरान दो साल तक आपातकाल लगाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के दौरान संविधान की प्रस्तावना में बदलाव किया गया था। रिजिजू ने कहा कि यह कांग्रेस का चरित्र है और आज वही पार्टी लोकतंत्र की बात करती है।

रिजिजू ने कांग्रेस और राहुल गांधी से ‘भारत विरोधी ताकतों के नैरेटिव को बढ़ावा देना बंद करने’ की अपील की। उन्होंने कहा कि विदेशी ताकतें लगातार ऐसे नैरेटिव को आगे बढ़ाती हैं, जिनका उद्देश्य भारत को कमजोर करना, देश की संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना और नागरिकों को गुमराह करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कम से कम ऐसी ताकतों का समर्थन करने से बचना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की जनता इस तरह के ‘ड्रामा’ से परेशान हो चुकी है और वह इसे देखना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि देश बदल चुका है और अब ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।

रिजिजू ने कहा कि अब कोई व्यक्ति केवल किसी खास परिवार में जन्म लेने के आधार पर प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। देश का युवा प्रधानमंत्री मोदी के साथ ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम कर रहा है।

उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि अगर वह वास्तव में जनता का जनादेश हासिल करना चाहती है तो सोशल मीडिया पर नैरेटिव बनाने के बजाय ‘सेवा’ करे। रिजिजू ने कहा कि उन्होंने खुद विपक्ष में रहते हुए 25 साल तक गांवों में लोगों की सेवा की है।

उन्होंने दावा किया कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने के लिए एकजुट है और राहुल गांधी तथा उनके साथियों की ओर से किए जा रहे ‘ड्रामा’ का समर्थन करने कोई आगे नहीं आएगा।