अमरेली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अमरेली के पूर्व सांसद वीरजी ठुम्मर का बुधवार को कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद अपने आवास पर निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। वीरजी ने किसान नेता के रूप में अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया और संसद में अमरेली और गुजरात विधानसभा में लाठी का प्रतिनिधित्व किया।
अमरेली जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप दुधात ने बताया कि ठुम्मर का निधन दोपहर करीब 12:15 बजे कैंसर से जूझने के बाद हुआ। वे पिछले चार वर्षों से कैंसर से लड़ रहे थे।
31 मई, 1959 को जन्मे ठुम्मर वाणिज्य स्नातक थे और उन्होंने किसानों के मुद्दों के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। चुनावी राजनीति में आने से पहले वे कम उम्र में ही अमरेली जिला पंचायत के सदस्य बन गए थे।
उन्होंने 1990, 1995 और 1998 में बाबरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और बाद में 2004 में अमरेली लोकसभा सीट जीतकर संसद में प्रवेश किया। उन्होंने 2004 से 2009 तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
इसके बाद ठुम्मर राज्य की राजनीति में वापस लौटे और 2017 में लाठी से कांग्रेस विधायक चुने गए, जहां उन्होंने 2022 तक कार्य किया।
उन्होंने 2022 के गुजरात विधानसभा चुनावों में फिर से लाठी सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा उम्मीदवार से हार गए। कांग्रेस संगठन के भीतर, ठुम्मर ने महासचिव और उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया और किसान कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख भी रहे।
वे अमरेली में सहकारी क्षेत्र से भी जुड़े हुए थे।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और गुजरात प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ठुम्मर को राज्य पार्टी इकाई का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया और कहा कि उनके निधन से पार्टी को गहरा सदमा लगा है।
सुरजेवाला ने ठुम्मर की सादगी, जनता के प्रति स्नेह, कर्तव्यनिष्ठा और कृषि एवं किसानों से घनिष्ठ संबंध को याद करते हुए कहा कि उनके निधन से कांग्रेस परिवार का एक बरगद का पेड़ हमसे बिछड़ गया है।
उन्होंने ठुम्मर के परिवार, मित्रों और समर्थकों, विशेष रूप से उनकी बेटी और पार्टी नेता जेनी ठुम्मर के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित चावड़ा और कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ. तुषार चौधरी ने कहा कि पार्टी ने एक ऐसे वरिष्ठ नेता को खो दिया है जिन्होंने सहकारी क्षेत्र और पार्टी के भीतर दोनों जगह प्रभावी नेतृत्व प्रदान किया था।
उन्होंने आगे कहा कि ठुम्मर ने अपना लंबा सार्वजनिक जीवन किसानों, सहकारी क्षेत्र और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में व्यतीत किया। उनके निधन से कांग्रेस और राज्य के सार्वजनिक जीवन में एक बड़ा खालीपन आ गया है।
कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा दोनों दलों के नेताओं ने ठुम्मर के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनकी बेटी जेनी ठुम्मर भी राजनीति में सक्रिय हैं और उन्होंने 2024 के आम चुनाव में कांग्रेस की ओर से अमरेली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था।
