विजयवाड़ा, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के राज्यपाल और आंध्र प्रदेश टीबी एसोसिएशन के अध्यक्ष एस. अब्दुल नजीर ने बुधवार को लोक भवन के दरबार हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में 77वें टीबी सील बिक्री अभियान की शुरुआत की।
इस मौके पर बोलते हुए, राज्यपाल अब्दुल नजीर ने कहा कि 144 साल पहले सर रॉबर्ट कोच ने टीबी (तपेदिक) फैलाने वाले बैक्टीरिया की खोज की थी और इसे नियंत्रित करने में काफी प्रगति के बावजूद, यह अब भी एक जानलेवा बीमारी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि टीबी केवल एक मेडिकल चुनौती नहीं है, बल्कि एक सामाजिक और आर्थिक चुनौती भी है जो व्यक्तियों, परिवारों और समुदायों को प्रभावित करती है। टीबी के खिलाफ हमारी प्रतिक्रिया में केवल इलाज ही नहीं, बल्कि जागरूकता पैदा करना, जल्द पहचान, रोकथाम, पोषण, सामाजिक सहयोग और सामुदायिक भागीदारी भी शामिल होनी चाहिए।
राज्यपाल ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की पहल ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ का मकसद संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए 2030 के ग्लोबल एसडीजी लक्ष्य से पहले भारत से टीबी को खत्म करना है। इसके लिए सरकार और समाज, दोनों के मिलकर काम करने वाले नजरिए पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि टीबी सील बिक्री अभियान का खास महत्व है क्योंकि यह जन-जागरूकता और जन-भागीदारी को एक साथ लाता है। उन्होंने नागरिकों, शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, कॉर्पोरेट घरानों, स्वयंसेवी संगठनों और दानदाताओं से अपील की कि वे टीबी सील बिक्री अभियान में दिल खोलकर योगदान दें और इस नेक काम का समर्थन करें।
इस कार्यक्रम में संरक्षक डॉ. अरुण कुमार कांति मोहंती और डॉ. पी.एस. शर्मा; उपाध्यक्ष डॉ. कोडली रामकृष्ण और डॉ. बी. मसीलामणि; महासचिव डॉ. पी. जयकर बाबू; संयुक्त निदेशक और आंध्र प्रदेश टीबी एसोसिएशन के मानद सचिव डॉ. टी. रमेश; राज्यपाल के संयुक्त सचिव पी.एस. सूर्य प्रकाश और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
