नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने बुधवार को एक बार फिर रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति को ही आगे बढ़ने का रास्ता बताया। भारत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लड़ाई खत्म करने की वकालत करते रहे हैं और स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि किसी भी समस्या का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं हो सकता।
नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “यूक्रेन संघर्ष के मुद्दे पर भारत हमेशा से यह मानता रहा है कि संवाद और कूटनीति ही आगे का रास्ता है। प्रधानमंत्री कई बार कह चुके हैं कि यह युद्ध का युग नहीं है और किसी भी समाधान का रास्ता युद्ध के मैदान से नहीं निकलता।”
उन्होंने कहा कि बिश्केक में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा था कि अब समय आ गया है कि अंतहीन युद्ध समाप्त हो और शांति का रास्ता अपनाया जाए।
रणधीर जायसवाल ने बताया कि शांति स्थापित करने के उद्देश्य से भारत ने रूस और यूक्रेन, दोनों पक्षों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा है। भारत के इन प्रयासों की रूस और यूक्रेन दोनों ने सराहना की है। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा की हालिया टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों ने भारत की भूमिका की प्रशंसा की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत रूस और यूक्रेन के साथ संघर्ष से जुड़े कुछ विशेष मुद्दों पर भी बातचीत कर रहा है। इनमें काला सागर में जहाजों की सुरक्षा, अनाज और ऊर्जा निर्यात तथा हमले रोकने की संभावनाओं जैसे विषय शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इस संबंध में भारत के प्रयासों का उल्लेख कर चुके हैं। भारत दोनों देशों की तत्काल चिंताओं के समाधान में सहयोग करने की कोशिश कर रहा है।
जायसवाल ने कहा, “भारत काला सागर में जहाजों की सुरक्षा, रूस और यूक्रेन की अनाज और ऊर्जा निर्यात से जुड़ी चिंताओं तथा संभावित हमलों को रोकने जैसे मुद्दों पर मददगार की भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है। इस संबंध में दोनों देशों के साथ हमारी बातचीत जारी है।”
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और समाधान के लिए कई अच्छे सुझाव भी दिए हैं।
मॉस्को में आयोजित एक कार्यक्रम में पुतिन ने कहा था कि भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध होने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी हर मुलाकात में यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का मुद्दा उठाते हैं और दोनों पक्षों को स्वीकार्य समाधान खोजने में गहरी रुचि रखते हैं।
पिछले महीने नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन से मुलाकात में भी प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया था कि मौजूदा संघर्षों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति ही सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
