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अजमेर महिला जेल से बंदियों को बाहर ले जाने के मामले में निलंबित जेलर गिरफ्तार

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जयपुर, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। अजमेर महिला सुधार गृह से दो महिला बंदियों को कथित तौर पर बिना अनुमति बाहर ले जाने के मामले में राजस्थान पुलिस ने फरार चल रही तत्कालीन जेलर दिव्या चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है।

अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने बुधवार को बताया कि आरोपी जेलर पर अपने पद का दुरुपयोग करने, सहयोगियों के साथ मिलकर जेल सुरक्षा कर्मियों को धमकाने और दो महिला कैदियों को जेल से बाहर ले जाने का आरोप है।

इनमें से एक महिला बंदी आजीवन कारावास की सजा काट रही थी, जबकि दूसरी विचाराधीन कैदी थी।

पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों के अनुसार यह घटना 12 जुलाई 2026 को हुई थी।

जांच में सामने आया है कि उस समय अजमेर महिला सुधार गृह की प्रभारी जेलर रही दिव्या चौधरी (जो भीलवाड़ा की निवासी है) ने कथित रूप से महिला प्रहरी सोनिया चौधरी के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।

पुलिस के मुताबिक, दोनों ने मुख्य द्वार पर तैनात कर्मचारियों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया और ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों को धमकाकर दो कैदियों, किरण उर्फ सेठा (आजीवन कारावास की सजा काट रही बंदी) और सना (विचाराधीन कैदी) को जेल से बाहर ले गईं।

आरोप है कि इसके बाद दिव्या चौधरी दोनों बंदियों को निजी लाभ के लिए अपने एआरजी सिटी स्थित निजी आवास पर ले गई।

इस मामले में अजमेर केंद्रीय कारागार के प्रहरी महीपाल मंगलोडा की शिकायत पर 5 अगस्त को सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया था।

एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी जेलर कथित तौर पर बिना सूचना दिए अपने मुख्यालय से चली गई और गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार रही।

इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए अभियान शुरू किया। जांच में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, सरकारी रिकॉर्ड और साइबर सेल की मदद ली गई।

अंततः 6 अक्टूबर को अजमेर पुलिस की विशेष टीम ने कोटा जिले के एक फ्लैट में छापा मारकर 37 वर्षीय दिव्या चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।

मामले की जांच के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ और सर्किल अधिकारी शिवम जोशी की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।

इस टीम का नेतृत्व सिविल लाइंस थाना प्रभारी शंभू सिंह ने किया। टीम में एएसआई मोइनुद्दीन, साइबर सेल एएसआई आशीष, हेड कांस्टेबल परिणा बानो, कांस्टेबल ऋषवेंद्र सिंह तथा साइबर सेल कांस्टेबल अभय सिंह शामिल थे।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार जेलर से गहन पूछताछ की जा रही है।

साथ ही, मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका और दोनों महिला बंदियों को जेल से बाहर ले जाने के पीछे की मंशा की भी जांच की जा रही है।