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राहुल गांधी खुद को कानून से ऊपर समझते हैं: गुरु प्रकाश

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पटना, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंडिया ब्लॉक के वोट चोरी के आरोपों और विरोध प्रदर्शन की घोषणा पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा जवाब दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने इसे अराजकता और अव्यवस्था करार देते हुए कहा कि विपक्ष के दावे का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे खुद को कानून और संविधान से ऊपर समझते हैं, जबकि एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी कई बार स्पष्ट कर चुका है कि यह संवैधानिक प्रक्रिया है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा, “यह अराजकता की स्थिति है, यह पूरी तरह अव्यवस्था है। उनका झूठ सामने आ गया। उनके विश्वसनीय नेता कह रहे थे कि हम चुनाव आयोग के कार्यालय जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपॉइंटमेंट ही नहीं लिया था। चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से बता दिया कि शाम चार बजे तक कोई आग्रह नहीं आया था, कोई अर्जी नहीं आई थी।”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मूल मुद्दा यह है कि राहुल गांधी खुद को कानून से ऊपर समझते हैं। कांग्रेस के कार्यालय से एक सर्टिफिकेट जारी हो जाना चाहिए कि राहुल गांधी कानून से ऊपर हैं, राहुल गांधी भारत के संविधान से ऊपर हैं। राहुल गांधी का मतलब विचित्र सी स्थिति है। अपने परिवार को बचाने के लिए, अपने अपराध और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए और अपनी अकर्मण्यता को जायज ठहराने के लिए इस प्रकार की दुर्गति हो रही है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन होना स्वाभाविक है, लेकिन प्रदर्शन का कोई आधार होना चाहिए, कोई तर्क होना चाहिए, कोई औचित्य होना चाहिए। सिर्फ यह कहना कि इस मुद्दे पर हमारी मांगें पूरी हों, चाहे जो मजबूरी हो, इससे देश नहीं चलता। आपको आधार देना पड़ेगा। एसआईआर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार नहीं, कई बार कहा है कि यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है। एसआईआर की संवैधानिकता पर कोई सवाल नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि ये लोग झूठ बोल रहे थे कि 13 करोड़ मतदाताओं का ब्योरा आ गया है। इनमें 2.8 करोड़ मृत मतदाता हैं, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता हैं, पता न चलने वाले मतदाता हैं। इसको आप झूठ कह रहे हैं, इन्होंने झूठ का एक नया व्यापार शुरू कर लिया है और इनकी वास्तविकता और सच्चाई आज देश के सामने आ चुकी है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में सर्वोपरि संस्थाएं होती हैं, संविधान में सर्वोपरि कानून का शासन होता है। राहुल गांधी को लगता है कि वही सुप्रीम कोर्ट हैं, वही चुनाव आयोग हैं, वही प्रथम नागरिक हैं, ऐसे नहीं होता है। यदि आपके पास कोई ठोस आधार है, साक्ष्य है तो उसे क्रॉस एग्जामिन करिए, साक्ष्य प्रस्तुत करिए। रूल ऑफ लॉ से ही सब कुछ तय होता है, कानून के शासन के माध्यम से ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, लेकिन कल से हम लोग देख रहे हैं कि झूठ का वही रीलबाजी का काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को बस इस बात की चिंता है कि अच्छी रील कैसे बने, सोशल मीडिया पर अच्छी पोस्ट कैसे हो। कुछ समय में पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उन सभी राज्यों में आपने अध्यक्ष बदल दिए हैं, जाकर मेहनत करनी चाहिए। आप मेहनत नहीं कर रहे हैं, हम लोग मेहनत कर रहे हैं। पांच राज्यों में चुनाव हार जाएंगे, फिर कहेंगे कि चुनाव हार गए, चुनाव आयुक्त दोषी है, यह ठीक नहीं है।

बिहार में मार्च को लेकर उन्होंने कहा कि यहां तो राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पार्टी आपस में ही एक-दूसरे से लड़ रही हैं। बिहार विधान परिषद का चुनाव चल रहा है और इनके बीच कोई समन्वय नहीं है। यह मुद्दा जानबूझकर पैदा किया गया है, यह कोई स्वाभाविक मुद्दा नहीं है, वास्तविक मुद्दा नहीं है। इसका सच्चाई से कोई संबंध नहीं है, इसमें कोई तर्क नहीं है, कोई तथ्य नहीं है। अगर एकजुटता दिखानी ही है तो गठबंधन में आकर विधान परिषद का चुनाव साथ मिलकर लड़ते, यह तो चोर-चोर मौसेरे भाई वाली बात है।