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राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले प्रत्याशियों की क्लास, चुनाव आयोग देगा जरूरी जानकारी

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जयपुर, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजस्थान के राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने आगामी पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को देखते हुए 10 अक्टूबर को पंचायत समिति स्तर पर उम्मीदवार उन्मुखीकरण (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में संभावित उम्मीदवारों को चुनाव प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए। इसमें नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया, पात्रता की शर्तें, आवश्यक दस्तावेज, नामांकन भरते समय बरती जाने वाली सावधानियां और किन परिस्थितियों में नामांकन पत्र खारिज हो सकता है, जैसी जानकारियां शामिल हों।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवार सही तरीके से और पूरी जानकारी के साथ अपना नामांकन दाखिल कर सकें।

राजेश्वर सिंह गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग के सभागार में आयोजित मतदाता जागरूकता संबंधी वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता कर रहे थे।

बैठक के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त ने शहरी निकायों के आम चुनावों में चलाए गए एसवीईईपी कार्यक्रमों की समीक्षा की और आगामी पंचायती राज चुनावों के लिए प्रस्तावित मतदाता जागरूकता गतिविधियों का आकलन किया।

उन्होंने मतदाता साक्षरता क्लबों (वोटर लिटरेसी क्लब्स) के छात्र कैंपस एम्बेसडरों से भी बातचीत की और उनके द्वारा आयोजित एसवीईईपी गतिविधियों की जानकारी ली।

राजेश्वर सिंह ने अधिकारियों को ‘एक शाम लोकतंत्र के नाम’, ‘एक पेड़ लोकतंत्र के नाम’, ‘एक दीप लोकतंत्र के नाम’ और ‘एक खेल लोकतंत्र के नाम’ जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने मतदाता संदेश बोर्ड से युक्त आदर्श मतदान केंद्र स्थापित करने तथा नुक्कड़ नाटक, चुनाव चौपाल और युवा एवं महिला मतदाताओं के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित करने को भी कहा।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पंचायत समिति क्षेत्र में कम से कम एक ग्रीन एंड क्लीन मतदान केंद्र बनाया जाए। उन्होंने मेहंदी प्रतियोगिता, मोटरसाइकिल और साइकिल रैली, सतरंगी सप्ताह, मैराथन और मतदाता प्रश्नोत्तरी जैसे कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत ग्रामीण स्वशासन की एक महत्वपूर्ण इकाई है और इन चुनावों में लगभग 1.55 लाख जनप्रतिनिधियों का चुनाव किया जाना है। सरपंच और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि सीधे तौर पर ग्रामीणों से जुड़े होते हैं और गांवों की जरूरतों को पूरा करने तथा विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि इसलिए पंचायती राज चुनावों में केवल मतदाताओं ही नहीं, बल्कि संभावित उम्मीदवारों को भी चुनाव प्रक्रिया और संबंधित नियमों की सही एवं पूरी जानकारी होना जरूरी है।

राजेश्वर सिंह ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनावों में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर मतदाता जागरूकता गतिविधियां चलाई जानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

वीडियो कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने स्वागत भाषण दिया। इसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सरकारी कॉलेजों के प्राचार्य, कॉलेजों के ईएलसी नोडल अधिकारी और कैंपस एम्बेसडर भी शामिल हुए।