मुंबई, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। कंस्ट्रक्शन फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) के 25 साल पूरे होने पर संगठन के प्रेसिडेंट एमवी सतीश ने इसकी अब तक की यात्रा, सरकार के साथ सहयोग, जीएसटी से जुड़े मुद्दों और निर्माण क्षेत्र की मांगों पर बात की। इस दौरान उन्होंने जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक के फैसलों को उद्योग के लिहाज से स्वागत योग्य बताया। वहीं, उन्होंने आरबीआई की पॉलिसी में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी को अपेक्षित कदम बताया।
सीएफआई के 25 साल पूरे होने पर एमवी सतीश ने कहा कि संगठन अपनी सिल्वर जुबली मना रहा है और अब तक की यात्रा अच्छी रही है। उन्होंने कहा कि सीएफआई ने विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के साथ सहयोग की नीति अपनाई है और सरकार की ओर से भी संगठन की बातों को सुनने और उन पर प्रतिक्रिया देने का प्रयास किया गया है। संगठन ने सरकार के सामने निर्माण क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दे रखे और उनमें से कई का समाधान भी हुआ। उन्होंने खास तौर पर जीएसटी से जुड़े विषयों का उल्लेख किया। इसके अलावा, युद्ध के दौरान उद्योग को राहत देने से जुड़े कुछ मुद्दों पर भी सरकार की ओर से तत्काल प्रतिक्रिया मिलने की बात उन्होंने कही।
उन्होंने कहा कि संगठन ने कुछ तकनीकी विषयों को भी सरकार के सामने रखा था। इनमें प्रीकास्ट से जुड़े प्रावधानों को बढ़ावा देने की मांग शामिल थी। बाद में टेंडर की शर्तों में प्रीकास्ट से संबंधित प्रावधानों को शामिल किया गया, जिससे इस दिशा में अधिक काम होने की संभावना बनी। ठेकेदारों की वास्तविक और उचित मांगों पर भी सरकार की ओर से विचार किया जा रहा है। उन्होंने सरकार और निर्माण उद्योग के बीच सहयोग को सीएफआई की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
जीएसटी काउंसिल की बैठक के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए एमवी सतीश ने कहा कि संगठन के नजरिए से फैसले स्वागत योग्य हैं। उन्होंने खास तौर पर प्रॉसिक्यूशन से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रॉसिक्यूशन की देनदारी की सीमा को एक करोड़ रुपए से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपए किए जाने का फैसला उद्योग के लिए सकारात्मक है। उनके अनुसार यह बदलाव स्वागत योग्य है और इससे संबंधित पक्षों को राहत मिल सकती है। हालांकि, इनपुट टैक्स क्रेडिट और इनपुट टैक्स सर्विसेज से जुड़े कुछ प्रावधानों का अभी अध्ययन किया जाना बाकी है। इन बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा के बाद ही इनके प्रभाव को लेकर स्पष्ट राय बनाई जा सकेगी। इसके बावजूद उन्होंने जीएसटी काउंसिल की बैठक के फैसलों को सामान्य तौर पर स्वागत योग्य बताया।
आरबीआई की पॉलिसी में बढ़ोतरी को लेकर पूछे गए सवाल पर सतीश ने कहा कि यह कदम अपेक्षित था। उन्होंने कहा कि उद्योग से जुड़े लोगों को पहले से ही अनुमान था कि 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हो सकती है। मौजूदा परिस्थितियों में अब पैसा आसानी से उपलब्ध नहीं होगा। भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण आने वाले समय में आसान पैसे की स्थिति नहीं रहेगी। उन्होंने आरबीआई के फैसले को इसी दिशा में अपेक्षित कदम बताया।
आवासीय संपत्तियों की खरीद आने वाले समय में महंगी होगी या कीमतें स्थिर रहेंगी, इस सवाल पर उन्होंने अलग से कोई निश्चित अनुमान नहीं दिया, लेकिन मौद्रिक स्थिति अब पहले की तरह आसान नहीं रहेगी। उन्होंने पॉलिसी रेट में बढ़ोतरी को पहले से अपेक्षित बताया और कहा कि उद्योग को इस बदलाव के अनुरूप परिस्थितियों को देखना होगा।
