बिलासपुर, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। गरबा की वेशभूषा में सिगरेट पीते हुए और पिस्टल जैसी वस्तु का प्रदर्शन कर सोशल मीडिया पर प्रचारात्मक वीडियो पोस्ट करना नौ लोगों को भारी पड़ गया। वीडियो को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के विपरीत और युवाओं पर गलत प्रभाव डालने वाला मानते हुए शिकायत मिलने पर बिलासपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक महिला और उसके सहयोगियों ने गरबा नृत्य की वेशभूषा में सिगरेट का सेवन करते हुए और हाथ में पिस्टल जैसी वस्तु लेकर गरबा टिकट / मेकअप के प्रचार-प्रसार के लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वीडियो प्रसारित किया था। वीडियो में भारतीय संस्कृति के विपरीत और अशोभनीय चीजों का महिमामंडन देखा जा सकता है, जिससे समाज में युवाओं पर गलत असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने वीडियो साक्ष्य के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त, सभी आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें अधिकतम राशि से बाउंड ओवर (मुचलका) भी कराया जा रहा है।
बिलासपुर पुलिस की ओर से सख्त चेतावनी जारी की गई है कि धार्मिक आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल प्रचार-प्रसार अथवा मनोरंजन के नाम पर इस प्रकार न किया जाए, जिससे किसी वर्ग की भावनाएं आहत हों एवं कानून-व्यवस्था स्थिति गंभीर हो। सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज या प्रचार करने के लिए धार्मिक प्रतीकों का आपत्तिजनक प्रदर्शन, अशोभनीय सामग्री अथवा हथियारनुमा वस्तुओं का प्रदर्शन करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक एवं भ्रामक सामग्री पर निगरानी रख रही है। किसी भी व्यक्ति की ओर से सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया तो उसके विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें तथा आपत्तिजनक सामग्री को बिना सत्यापन आगे प्रसारित न करें।
