नई दिल्ली, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में 10 अक्टूबर को सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई। पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ लगभग तीन घंटे तक बैठक कर प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति पर चर्चा की।
सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की गई है। इसी क्रम में नई दिल्ली जिले को 20 जोन में विभाजित किया गया है, ताकि सुरक्षा प्रबंधन, निगरानी और त्वरित कार्रवाई को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार की शाम से जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए निलंबित रहेंगी और यह प्रतिबंध शनिवार रात 10 बजे तक लागू रहेगा।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति इसलिए नहीं दी गई क्योंकि आयोजकों ने कानूनी निर्देशों और पिछले प्रदर्शन के दौरान दिए गए अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया।
इंटरनेट सेवाएं बंद करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद स्पेशल सेल (मुख्यालय) के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मनीषी चंद्रा ने टेलीकॉम कंपनियों के नोडल अधिकारियों को 24 घंटे के प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए।
टेलीकॉम कंपनियों को भेजे गए डीसीपी के पत्र में कहा गया कि केंद्रीय गृह सचिव ने दूरसंचार (सेवाओं का अस्थायी निलंबन) नियम, 2024 के नियम 3 की उपधारा (1) और दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 20(2)(बी) के तहत मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने के पुलिस के अनुरोध को मंजूरी दे दी है।
टेलीकॉम ऑपरेटरों से कहा गया है कि वे शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट प्रतिबंध लागू करें।
इंटरनेट सेवाओं पर यह रोक 57 दिल्ली मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने के अतिरिक्त है। इन स्टेशनों को शुक्रवार रात 9 बजे से बंद किया गया।
पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है और कानून-व्यवस्था तथा सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए एहतियाती प्रतिबंध लगाए गए हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का प्रस्ताव दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को भेजा गया है। इनमें राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लोक कल्याण मार्ग, सुप्रीम कोर्ट, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, कश्मीरी गेट, सराय काले खां-निजामुद्दीन, लाजपत नगर, जंगपुरा, विश्वविद्यालय, सिविल लाइंस, ओखला विहार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, आश्रम, रोहिणी वेस्ट, वेलकम, शालीमार बाग, आदर्श नगर और हौज खास समेत अन्य स्टेशन शामिल हैं।
रेलवे के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) बी. भरत रेड्डी ने कहा कि शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित सीजेपी प्रदर्शन के मद्देनजर 334 सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) कर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 14 कंपनियों की भी मांग की गई है।
आईएएनएस से बातचीत में रेड्डी ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ट्रेन से दिल्ली आने वाले लोगों की आवाजाही को संभालने के लिए प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा, “सीजेपी ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ट्रेन से आने वाले लोगों के लिए 334 जीआरपी कर्मियों की तैनाती की गई है और सीएपीएफ की 14 कंपनियां मांगी गई हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती 24 घंटे जारी रहेगी। दिल्ली में सात प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं, जहां सबसे ज्यादा ट्रेनें आती हैं और यात्रियों की संख्या भी सबसे अधिक रहती है।”
उन्होंने बताया कि इन सभी स्टेशनों पर सुरक्षा कर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगे।
यात्रा में होने वाली संभावित परेशानियों को लेकर पूछे गए सवाल पर रेड्डी ने कहा कि जिन यात्रियों की ट्रेनें डायवर्ट नहीं की गई हैं और जो निर्धारित स्टेशनों पर पहुंचेंगी, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
