देहरादून, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर रविवार को देहरादून में आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प और हमारी सभी प्राथमिकताओं में हमारी बेटियां और महिलाएं सर्वोच्च हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन खास है, क्योंकि यह ‘अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस’ और नवरात्रि का पहला दिन भी है, जब हम देवी शैलपुत्री की पूजा करते हैं। सदियों से हमारी संस्कृति में लड़कियों को शक्ति का रूप माना गया है, और अष्टमी व नवमी के दौरान कन्या-पूजन की परंपरा इसी विश्वास को दर्शाती है। बेटियों का सम्मान करना और महिलाओं को शक्ति का प्रतीक मानना हमारी सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लड़कियों से जुड़ी सांस्कृतिक अहमियत समाज के कामों और उनके सर्वांगीण विकास के प्रयासों में भी दिखनी चाहिए। उन्होंने नवरात्रि के दौरान की जाने वाली कन्या पूजन जैसी परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये छोटी लड़कियों का सम्मान करने और उनके साथ आदरपूर्ण व्यवहार करने के महत्व को बताती हैं।
उन्होंने कहा, “कन्या पूजन का असली मकसद तभी पूरा हो सकता है जब हम लड़कियों को शिक्षा पाने, अपना भविष्य बनाने और जीवन में सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने के जरूरी मौके दें।”
अपने संबोधन के दौरान सीएम धामी ने कहा कि हमारी बेटियों को नौकरी और स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। ये पहल साबित करती हैं कि अगर मौका मिले, तो लड़कियां अपनी काबिलियत दिखा सकती हैं और हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान, जब आतंकवादियों ने कश्मीर के पहलगाम इलाके में निहत्थे लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया और सीमा पार पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया, तब उसकी जानकारी देने का काम देश की दो बेटियों (विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी) ने किया था।”
सीएम धामी ने कहा कि हमारा संकल्प है कि हमारी बेटियां और महिलाएं हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। इसीलिए हमने यहां 30% हॉरिजॉन्टल आरक्षण लागू किया है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि यहां सभी सरकारी नौकरियों में हमारी बेटियों और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिले। हर जगह उनका प्रतिनिधित्व हो, और हमने उनके लिए जन्म से लेकर शिक्षा, कौशल और रोजगार तक कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं.
इससे पहले, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर समस्त प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “बेटियां हमारा मान, स्वाभिमान और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं। उनका सशक्त होना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। हमारी सरकार बेटियों को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश की हर बेटी को अपने सपनों को साकार करने, अपनी प्रतिभा को निखारने और जीवन में आगे बढ़ने के पूरे अवसर मिलें।”
धामी ने अपील की कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर हम सभी मिलकर ऐसा समाज बनाने का संकल्प लें, जहां बेटियों को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्राप्त हों तथा वे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों की उड़ान भर सकें।
