चंडीगढ़, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने रविवार को धान खरीद व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य भर की विभिन्न मंडियों में बारिश के बाद जो हालात देखने को मिले हैं, उनसे खरीद तैयारियों की खामियां उजागर हो गई हैं।
ढिल्लों ने कहा कि विशेष रूप से फाजिल्का से आ रहे दृश्य बेहद चिंताजनक हैं। यहां महीनों की मेहनत से उगाई गई धान की फसल बारिश के पानी में डूबी हुई दिखाई दे रही है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर कटाई के मौसम की शुरुआत में ही मंडियों में ऐसी स्थिति है, तो आने वाले दिनों में किसानों को और भी अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि अपर्याप्त जल निकासी व्यवस्था, फसलों को बारिश से बचाने के लिए तिरपालों की कमी और अनाज मंडियों में अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव किसानों के लिए गंभीर समस्या बन गया है।
ढिल्लों ने कहा कि ऐसी ही स्थिति न केवल फाजिल्का की मंडी से बल्कि पंजाब के अन्य कस्बों और गांवों से भी सामने आ रही है। मंडियों में किसानों की फसल की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था का अभाव पंजाब सरकार की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही खेती में अथक परिश्रम और पर्याप्त धन लगाते हैं। अगर मंडियों में जलभराव के कारण किसानों द्वारा अपने बेटों की तरह पाली गई फसलें बर्बाद हो जाती हैं, तो इसका वित्तीय बोझ अंततः किसानों पर ही पड़ता है। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार को प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार बताया।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने राज्य सरकार से किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और मंडियों में उचित जल निकासी, पर्याप्त तिरपाल, फसल सुरक्षा के उचित उपाय और सुचारू खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़े और अपनी मेहनत के फल को अपनी आंखों के सामने बर्बाद होते देखना अस्वीकार्य है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान को निशाना बनाते हुए ढिल्लों ने कहा कि राज्य सरकार को सार्वजनिक मंचों पर चुटकुले सुनाने के बजाय जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि मंडियों में किसानों को बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध न करा पाना राज्य सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी।
उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार मंडियों की स्थिति की तत्काल समीक्षा करे, फसलों को हुए नुकसान का आकलन करे, और किसानों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए।
