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प्रदर्शन के दौरान ‘फर्जी खबरें’ फैलाने के आरोप में सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ चार से अधिक एफआईआर

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नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) इकाई ने सोशल मीडिया पर कथित तौर पर फर्जी खबरें फैलाने और देश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले हैंडल के खिलाफ चार से अधिक प्राथमिकी दर्ज की हैं। आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों के अनुसार, सीमा पार से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारत विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा था। कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया खातों के कथित तौर पर सक्रिय होकर भ्रामक जानकारी प्रसारित करने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने की बात सामने आई है।

सूत्रों ने कहा, “सीमा पार से सोशल मीडिया के जरिए भारत विरोधी भावनाएं फैलाई जा रही हैं। कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया संचालकों की आईडी सक्रिय की गई थीं।”

सूत्रों के मुताबिक, 10 अक्टूबर को कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान कई पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल से कथित तौर पर ऐसी खबरें प्रसारित की गईं, जिनमें दावा किया गया था कि प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की मौत हो गई है।

बताया गया कि इन पोस्ट के जरिए मौजूदा स्थिति के बीच गलत सूचनाएं फैलाने और लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश की गई।

सूत्रों ने यह भी बताया कि पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ता भारतीय नामों का इस्तेमाल कर कथित तौर पर फर्जी वीडियो और भ्रामक खबरें साझा कर रहे थे। ऐसा करके उनकी पोस्ट को इस तरह पेश करने की कोशिश की जा रही थी, जिससे लगे कि जानकारी देश के भीतर से ही प्रसारित की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य अफवाहें फैलाना और लोगों को गुमराह करना था।

इसके अलावा, सूत्रों ने बताया कि अब तक अफवाहें फैलाने या लोगों के बीच अशांति पैदा करने की कथित कोशिशों के चलते सोशल मीडिया की लगभग 500 पोस्ट हटाई जा चुकी हैं।

यह कार्रवाई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की निगरानी करने और ऐसी भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।

इससे पहले सोमवार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। गठबंधन ने इस संबंध में याचिका दायर करने की मांग उठाई थी।

विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मतदाता सूचियों को लेकर चिंता जताई है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस प्रक्रिया का बचाव किया है और कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है।