SGSU Advertisement
Home अपराध पुरुलिया में माओवादियों के ठिकाने पर बंगाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, भारी...

पुरुलिया में माओवादियों के ठिकाने पर बंगाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

0
7

कोलकाता, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल पुलिस ने झारखंड सीमा के पास पुरुलिया जिले में माओवादियों के एक छोड़े हुए कैंप से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है।

पुरुलिया के पुलिस सुपरिटेंडेंट कुमार सनी राज ने बताया कि हाल ही में सरेंडर करने वाले माओवादी कैडरों से पूछताछ के बाद, बंदवान पुलिस स्टेशन के तहत दुआर्सिनी इलाके में एक घर पर छापेमारी के दौरान ये चीजें बरामद की गईं।

राज ने मीडिया को बताया, “हाल ही में मदन, रवि और मीरा जैसे बड़े माओवादी नेताओं ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है। संगठन के कई सदस्यों ने हथियार डाल दिए हैं। सरेंडर करने वाले माओवादियों से पूछताछ की गई। उनसे मिली जानकारी के आधार पर, पुरुलिया में बंदवान पुलिस स्टेशन के तहत दुआर्सिनी इलाके में एक घर पर छापेमारी की गई, जो झारखंड सीमा के पास है। वहां हथियारों और गोला-बारूद से भरा एक बैग बरामद किया गया।”

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने पड़ोसी राज्य झारखंड की पुलिस के साथ मिलकर माओवाद-विरोधी अभियान तेज कर दिए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस साल अगस्त और सितंबर में, पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), बांकुरा जिला पुलिस और झारखंड पुलिस ने संयुक्त छापेमारी और तलाशी अभियान चलाए, जिनमें उन्हें बड़ी सफलता मिली।

लगातार सुरक्षा अभियानों के कारण इस इलाके में माओवादी आंदोलन कमजोर हुआ है। पिछले साल जनवरी में, झारखंड पुलिस द्वारा चलाए गए एक बड़े अभियान के दौरान 15 माओवादी मारे गए थे।

हालांकि, छोड़े गए कैंप से हथियार बरामद होने से यह शक पैदा हो गया है कि माओवादियों ने इलाके में दूसरी जगहों पर भी हथियार और गोला-बारूद छिपाकर रखे हो सकते हैं।

राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “पुलिस को यह भी शक है कि माओवादियों ने कुछ और गुप्त जगहों पर हथियार छिपा रखे हैं। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।”

पश्चिम बंगाल के माओवाद-विरोधी अभियान में पिछले महीने एक और बड़ी कामयाबी मिली, जब कोलकाता पुलिस की एसटीएफ ने सीपीआई (माओवादी) के सीनियर नेता असीम मंडल उर्फ आकाश, तिमिर और मनोज को गिरफ्तार किया। वह पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में सक्रिय सबसे ज्यादा वांछित माओवादी नेताओं में से एक था।

मंडल को पूर्वी मिदनापुर जिले के पटाशपुर में सुबह-सुबह चलाए गए एक अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया।

उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी के लिए कुल 2.20 करोड़ रुपए का इनाम घोषित किया गया था। झारखंड सरकार ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 1 करोड़ रुपए का इनाम रखा था, जबकि ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा की थी।