नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। दोनों प्रधानमंत्रियों ने पिछले एक साल में कनाडा और भारत के बीच बढ़ते जुड़ाव का स्वागत किया, जिसमें वित्त, रक्षा और सुरक्षा, लोगों के बीच संबंध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने इस नई गति को आगे बढ़ाने के अवसर पर जोर दिया।
इस दिशा में दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर वार्ता को जल्द से जल्द पूरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के प्रयासों को समर्थन देगा।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के नेतृत्व में वर्तमान में भारत में चल रहे ऐतिहासिक टीम कनाडा ट्रेड मिशन के साथ-साथ इस सप्ताह विदेश मंत्री अनीता आनंद की नई दिल्ली यात्रा का स्वागत किया, जिसका उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा और लोगों के बीच संबंधों सहित साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना है।
नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रभावों और ऊर्जा व कृषि क्षेत्रों में विश्वसनीय साझेदारों की आवश्यकता पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री कार्नी ने यूक्रेन पर रूस के युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया।
दोनों प्रधानमंत्रियों ने पिछले सप्ताह भारत में हुई द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता का स्वागत किया, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर पर चल रहे सुरक्षा और कानून प्रवर्तन जुड़ाव का हिस्सा है। दोनों नेता दिसंबर में प्रधानमंत्री मोदी की कनाडा यात्रा से पहले निकट संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।
कनाडा के विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, भारत अधिकांश आव्रजन श्रेणियों के लिए कनाडा का सबसे बड़ा स्रोत है, जिसमें 2024 में कनाडा में भारतीय नागरिकता वाले 3,92,810 स्टडी परमिट धारक शामिल हैं। 2021 की संघीय जनगणना के अनुसार, भारतीय मूल के 18 लाख से अधिक कनाडाई हैं।
भारत में, कनाडा का प्रतिनिधित्व नई दिल्ली में कनाडा के उच्चायोग द्वारा किया जाता है। कनाडा के बेंगलुरु, चंडीगढ़ और मुंबई में महावाणिज्य दूतावास हैं, साथ ही अहमदाबाद, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता में व्यापार कार्यालय भी हैं।
कनाडा में भारत का प्रतिनिधित्व ओटावा में एक उच्चायोग और टोरंटो व वैंकूवर में महावाणिज्य दूतावासों द्वारा किया जाता है।भारत और कनाडा के बीच जुड़ाव गहरा हो रहा है, जो जून 2025 में कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन और नवंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका में जी20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्रियों कार्नी और मोदी के बीच बैठकों, उच्चायुक्तों की बहाली और अक्टूबर 2025 में विदेश मंत्री आनंद की भारत यात्रा के दौरान भविष्य के सहयोग के लिए साझा रोडमैप की घोषणा से चिह्नित है।
