मैड्रिड, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। मैनचेस्टर यूनाइटेड के हेड कोच माइकल कैरिक ने कहा कि उनकी टीम एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ बेहतर नतीजा हासिल कर सकती थी। उनका मानना है कि टीम को मैच जीतने के मौके मिले, लेकिन खिलाड़ी उनका फायदा नहीं उठा सके। इसी वजह से यूईएफए चैंपियंस लीग के ग्रुप स्टेज में यूनाइटेड को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा।
मैच की शुरुआत मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए बेहद खराब रही। पहले ही मिनट में एटलेटिको मैड्रिड ने बढ़त बना ली। गिउलिआनो सिमोन ने लंबे पास को नियंत्रित किया और गेंद पाब्लो बैरियोस को दी, जिन्होंने आसान शॉट लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, इस शुरुआती गोल के बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड ने वापसी की कोशिश की और कई अच्छे मौके बनाए। हेड कोच माइकल कैरिक ने कहा कि उनकी टीम के पास गोल करने के चार बड़े मौके थे, लेकिन खिलाड़ी उन्हें गोल में नहीं बदल सके। उनका मानना है कि अगर टीम उन मौकों का फायदा उठाती, तो एटलेटिको के खिलाफ मैच का नतीजा अलग हो सकता था।
मैच के बाद माइकल कैरिक ने पत्रकारों से कहा कि मुकाबला काफी करीबी था और उनकी टीम के पास अच्छा नतीजा हासिल करने का मौका था। उन्होंने कहा, “मैच बराबरी का था। अगर पहले मिनट में हुआ गोल हटा दें, जो निश्चित रूप से मैच का अहम हिस्सा था, तो उसके बाद हम पूरे मुकाबले में बने रहे। खासकर दूसरे हाफ में हमें लगा कि हम मैच को अपने पक्ष में खत्म कर सकते थे।”
कैरिक ने अपनी टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि एटलेटिको मैड्रिड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ इतने मौके बनाना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा, “बहुत कम टीमें यहां आकर एटलेटिको के खिलाफ इतने अच्छे मौके बना पाती हैं। इसलिए मुझे लगता है कि हमने आज कई चीजें सही कीं, लेकिन उन मौकों को गोल में बदल नहीं सके।”
मैनचेस्टर यूनाइटेड ने मैच में कई अच्छे मौके बनाए। ब्रायन म्बेउमो और मार्कस रैशफोर्ड ने एटलेटिको मैड्रिड के डिफेंस पर दबाव बनाया और टीम के लिए अवसर तैयार किए। वहीं, एटलेटिको के जॉनी कार्डोसो ने भी गोल किया था, लेकिन वीएआर जांच के बाद उसे रद्द कर दिया गया क्योंकि उससे पहले मार्कोस लोरेंटे के हैंडबॉल की पुष्टि हुई।
दूसरे हाफ की शुरुआत में एटलेटिको बढ़त बढ़ाने के करीब पहुंचा, लेकिन जूलियन अल्वारेज का शॉट गोल पोस्ट से टकरा गया। इसके बाद भी मैनचेस्टर यूनाइटेड ने मुकाबले में बने रहते हुए बराबरी करने की कोशिश जारी रखी। मैच के बाद माइकल कैरिक ने कहा कि शुरुआती गोल खाने के बाद उनकी टीम ने अच्छी वापसी की और मुकाबले में खुद को बनाए रखा। हालांकि, उन्हें इस बात का अफसोस रहा कि खिलाड़ी मिले हुए मौकों को गोल में नहीं बदल सके।
उन्होंने कहा, “हमारे पास चार बड़े मौके थे, और मैच का नतीजा बहुत अलग हो सकता था। वह वाकई बहुत अच्छे मौके थे। वह सिर्फ मामूली या आधे-अधूरे मौके नहीं थे।” यूनाइटेड की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब वीएआर रिव्यू के बाद डिफेंडर लेनी योरो को ‘लास्ट-मैन फाउल’ के कारण रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
एटलेटिको मैड्रिड ने संख्या में मिली बढ़त का पूरा फायदा उठाया। गोलकीपर सेने लैमेंस ने पहले जोनाथन डेविड के प्रयास को रोक दिया, लेकिन 79वें मिनट में एडेमोला लुकमैन ने गोल कर एटलेटिको की बढ़त को 2-0 कर दिया और टीम की जीत पर मुहर लगा दी। मैच के बाद माइकल कैरिक ने माना कि रेड कार्ड ने मुकाबले का रुख बदल दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि हार के बावजूद उनकी टीम के प्रदर्शन में कई सकारात्मक बातें देखने को मिलीं। कैरिक ने कहा, “हमें लगा कि मैच हमारे नियंत्रण में था। सबसे बड़ी बात यह है कि हमें इससे बेहतर नतीजा मिल सकता था और शायद मिलना भी चाहिए था।”
उन्होंने टीम के आत्मविश्वास को लेकर उठ रहे सवालों को भी खारिज किया। कैरिक का मानना है कि शुरुआती झटके के बाद जिस तरह उनकी टीम ने वापसी की, गेंद पर कब्जा बनाए रखा और एटलेटिको जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मौके बनाए, उससे खिलाड़ियों के आत्मविश्वास की झलक मिलती है।
कैरिक ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि आत्मविश्वास कोई समस्या है। यहां आकर जिस तरह हमने वापसी की, खेल को नियंत्रित किया और मौके बनाए, उससे साफ है कि टीम में भरोसे की कमी नहीं है।” अब मैनचेस्टर यूनाइटेड अपना ध्यान प्रीमियर लीग पर लगाएगा, जहां उसकी कोशिश लीड्स यूनाइटेड के खिलाफ जीत हासिल कर फिर से जीत की राह पर लौटने की होगी।
