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कर्नाटक : स्टिंग ऑपरेशन को लेकर कुमारस्वामी को मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने दी चुनौती, कहा-सीबीआई जांच करा लें

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बेंगलुरु, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरायस्वामी ने बुधवार को चल रहे स्टिंग ऑपरेशन विवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए और कुमारस्वामी को चुनौती दी कि वे इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराएं।

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया था कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को निशाना बनाने वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे डीके शिवकुमार का हाथ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चेलुवरायस्वामी ने सवाल किया कि आखिर शिवकुमार अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता के खिलाफ ऐसा ऑपरेशन क्यों करवाएंगे।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “क्या शिवकुमार पागल हो गए हैं जो अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करवाएंगे? लोग उनके व्यवहार से परेशान हो चुके हैं।”

मंत्री ने कहा कि कुमारस्वामी केंद्रीय मंत्री हैं लेकिन उनके बयानों से नहीं लगता कि वे अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि स्टिंग ऑपरेशन विवाद का आम जनता से क्या लेना-देना है। अगर किसी तरह की गलत हरकत सामने आती है तो सरकार चुप नहीं बैठेगी।

उन्होंने कहा, “अगर ऐसा कोई स्टिंग ऑपरेशन हुआ है और उसकी जानकारी सामने आई है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी और जांच भी की जाएगी। स्टिंग ऑपरेशन किसी के खिलाफ भी हुआ हो, केंद्र सरकार के पास सीबीआई है, उससे जांच करा लें।”

चेलुवरायस्वामी ने आरोप लगाया कि कुमारस्वामी बेवजह स्टिंग ऑपरेशन के मुद्दे को राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री पूर्व हासन सांसद प्रज्वल रेवन्ना के प्रति सहानुभूति दिखा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वर्षों तक साथ राजनीति करने के बावजूद उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कुमारस्वामी इस स्तर तक गिर जाएंगे। उन्होंने कहा, “हम लंबे समय तक साथ राजनीति करते रहे हैं। राजनीतिक मतभेद और प्रतिद्वंद्विता हो सकती है, लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि वे इतनी निचली राजनीति करेंगे। हर सुबह उठकर वे ऐसे ही मुद्दों पर बोलते हैं। उनके बयान देखकर लगता है कि कभी न कभी इसका अंत होना ही है। वह अंत कैसे होगा, यह हमारे हाथ में नहीं है।”

सिद्दारमैया का बचाव करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की राजनीतिक यात्रा, नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन सबके सामने है। उन्होंने सवाल किया कि क्या उनकी छवि खराब करने के लिए कोई ठोस सबूत है।

उन्होंने कहा, “सिद्दारमैया का इतिहास कुमारस्वामी जैसा नहीं है। अगर सिद्दारमैया का अतीत भी कुमारस्वामी जैसा होता तो हम उसे स्वीकार कर लेते। हम अपनी गलतियां स्वीकार करने के लिए तैयार हैं और सिद्दारमैया की गलतियां भी स्वीकार करेंगे।”

चेलुवरायस्वामी ने आरोप लगाया कि लोगों को राजनीतिक नेताओं के खिलाफ बयान देने के लिए उकसाया जा सकता है। उन्होंने सवाल किया कि जब सिद्दारमैया पहले भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं, तब ये आरोप सामने क्यों नहीं आए।

उन्होंने कुमारस्वामी पर आरोप लगाया कि वे कांग्रेस के भीतर भ्रम की स्थिति पैदा करने और सिद्दारमैया की छवि खराब करने के लिए “स्टिंग ऑपरेशन का ड्रामा” कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जेडी(एस) के अलावा यह और कौन कर सकता है? जब सिद्दारमैया को पार्टी से बाहर किया गया था या उनका बार-बार मजाक उड़ाया गया था, तब कुमारस्वामी ने ऐसी कोई चिंता नहीं दिखाई। अब अचानक यह सहानुभूति कहां से आ गई?”

इस सवाल पर कि क्या राज्य मंत्रिमंडल इस विवाद पर चर्चा करेगा, चेलुवरायस्वामी ने कहा कि यदि अगली कैबिनेट बैठक में यह मुद्दा उठता है तो मुख्यमंत्री और सभी मंत्री मिलकर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेंगे।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार जांच पर विचार करेगी लेकिन कुमारस्वामी को केंद्र सरकार के जरिए जांच शुरू कराने की चुनौती दी।

उन्होंने कहा, “क्या केंद्र सरकार हमारी सरकार से ज्यादा ताकतवर नहीं है? अगर उनमें हिम्मत है तो वे इस स्टिंग ऑपरेशन की जांच सीबीआई से कराएं।”